‘चिकन नेक’ की सुरक्षा के लिए सेना ने की अतिरिक्त तैयारी

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद हालात बदलने लगे हैं. सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की निगरानी बढ़ गयी है.

सिलीगुड़ी कॉरिडोर में तीन जगहों पर नयी सैन्य व्यवस्थाएं स्थापित

संवाददाता, कोलकाताबांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद हालात बदलने लगे हैं. सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की निगरानी बढ़ गयी है. किसी भी तरह की घुसपैठ रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) सतर्क है. इसी बीच खुफिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद बांग्लादेश के जरिये भारत के खिलाफ आतंक का नया फ्रंट बनाने की कोशिश कर रहा है. इन परिस्थितियों में भारत ने पश्चिम बंगाल के अत्यंत रणनीतिक क्षेत्र ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा को लेकर अपनी चौकसी और तेज कर दी है.

सिलीगुड़ी कॉरिडोर के आसपास सेना की भी गतिविधि काफी बढ़ायी गयी है. बताया जा रहा इस महत्वपूर्ण भू-भाग में तीन नयी सैन्य व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं. हालांकि, सेना की ओर से इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है. धुबरी के पास बामुनी, बिहार के किशनगंज और पश्चिम बंगाल के चोपड़ा में तीन बड़े सैन्य ठिकानों का विकास तेजी से किया जा रहा है. धुबरी के पास लचित बोरफुकन मिलिटरी स्टेशन, किशनगंज और चोपड़ा के अग्रणी ठिकानों को सिर्फ रक्षात्मक ही नहीं, बल्कि त्वरित कार्रवाई और तैनाती के हिसाब से भी तैयार किया जा रहा है. इन ठिकानों में विशेष बल, खुफिया इकाइयां और फास्ट डिप्लॉयमेंट ट्रूप्स को रखा जा रहा है, जो इस कॉरिडोर की अहमियत को स्पष्ट करता है. सूत्रों के अनुसार, भारत ने इस क्षेत्र में राफेल लड़ाकू विमान, ब्रह्मोस मिसाइल और उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किये हैं. इससे न सिर्फ रक्षा क्षमता मजबूत होगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर यह इलाका आक्रामक अभियानों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. रणनीतिक विशेषज्ञ इसे बांग्लादेश की ओर एक स्पष्ट संदेश मान रहे हैं. इधर, बांग्लादेश की मौजूदा सरकार की पाकिस्तान से बढ़ती नजदीकी ने भी भारत को सतर्क कर दिया है. हाल ही में ढाका में पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाॅफ कमेटी के चेयरमैन जनरल शाहिर शमशाद मिर्जा से मुलाकात के दौरान बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने उन्हें एक विवादित मानचित्र भेंट किया, जिसमें असम और भारत के कुछ उत्तर-पूर्वी राज्यों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया था. इस पर कूटनीतिक विवाद भड़क उठा है.

वायुसेना अड्डों को तैयार रहने को कहा गया

भारत ने ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा के मद्देनजर बीएसएफ, सीआरपीएफ, आइटीबीपी, एसएसबी और सीआइएसएफ जैसे अर्धसैनिक बलों को अलर्ट रहने का आदेश दिया है. साथ ही हासीमारा और बागडोगरा के वायुसेना अड्डों को भी तैयार रहने को कहा गया है. सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे लंबे समय तक सैन्य रूप से कमजोर माना जाता था, अब एक सुदृढ़ और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्र में बदल चुका है. सेना की नयी तैनाती और रणनीतिक सुधार इस बात का संकेत हैं कि भारत इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का जोखिम उठाने को तैयार नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR SINGH

AKHILESH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >