ग्रुप सी और डी के 7293 पदों पर नियुक्तियां अवैध थीं : एसएससी

पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) ने सोमवार को कलकत्ता हाइकोर्ट को बताया कि स्कूलों के ग्रुप सी और ग्रुप डी के 7293 पदों पर अवैध रूप से नियुक्तियां दी गयी थीं.

हाइकोर्ट ने विस्तृत सूची प्रकाशित करने का दिया आदेश

संवाददाता, कोलकाता

पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) ने सोमवार को कलकत्ता हाइकोर्ट को बताया कि स्कूलों के ग्रुप सी और ग्रुप डी के 7293 पदों पर अवैध रूप से नियुक्तियां दी गयी थीं. दरअसल, पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में ग्रुप सी व और ग्रुप डी में नये सिरे से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की है. लेकिन, अब इस नियुक्ति प्रक्रिया के खिलाफ भी हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी है. सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने एसएससी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसने गैर-शिक्षणकर्मियों की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाइकोर्ट में अलग-अलग आंकड़े पेश किये हैं. अदालत ने कहा कि एसएससी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक अवैध रूप से नियुक्त ग्रुप सी व ग्रुप डी के 3,512 लोगों की सूची प्रकाशित की है. हालांकि, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि अयोग्य लोगों की संख्या 7,293 थी. इसके बाद हाइकोर्ट ने एसएससी को बुधवार तक इन 7,293 लोगों की पूरी सूची प्रकाशित करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि एसएससी को कुल 7,293 लोगों की सूची अभ्यर्थियों के नाम, पिता का नाम, रैंक जंप व ओएमआर मिस मैच की पूरी जानकारी के साथ प्रकाशित करनी होगी. इतना ही नहीं, एसएससी को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि नयी नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होगी. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों में गैर-शिक्षण पदों के लिए नयी नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हाइकोर्ट में एक नयी याचिका दायर की गयी. ये रिक्तियां तब पैदा हुई हैं, जब सुप्रीम कोर्ट ने इस साल अप्रैल में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग के 2016 के शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मियों के पूरे पैनल को रद्द कर दिया. मंगलवार को फिर सुनवाई होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR SINGH

AKHILESH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >