Anti-Social Activities Bill: पेश होगा ‘गुंडा निवारण बिल’, ‘समाजविरोधी’ कहे जायेंगे ये काम, पकड़े जाने पर मिलेगी सजा

Anti-Social Activities Bill: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकरी ने कहा कि हम गुंडों की संपत्तियां भी जब्त करेंगे. ऋषि अरबिंदो और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमि पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं की जाएगी. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भूमि पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं की जाएगी.

Anti-Social Activities Bill: कोलकाता : शुभेंदु अधिकारी सरकार असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कानून लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. सोमवार को विधानसभा में गैंगस्टर विरोधी विधेयक पेश किया जा रहा है. इसका उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना, शांति और व्यवस्था बनाए रखना है. गुजरात और उत्तर प्रदेश के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी भाजपा सरकार असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कानून लाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. विधेयक में समाज के लिए खतरनाक और हिंसक व्यक्ति को भी गुंडा के रूप में उल्लेख किया गया है.

आज पेश होगा बलात्कार विरोधी विधेयक

इस विधेयक के साथ ही, सोमवार को ‘पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था रखरखाव अधिनियम, 1972’ में संशोधन विधेयक भी पेश किया जाएगा. अब इसका नाम ‘पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026’ होगा. इसका उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना, शांति और व्यवस्था बनाए रखना और असामाजिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रोकना और नियंत्रित करना है.

बंगाल की पवित्र भूमि पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं

सत्ता में आने के बाद, शुभेंदु अधिकारी ने संकेत दिया है कि असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कानून लाए जाएंगे. उन्होंने कहा- गुंडों का दमन किया जाएगा. हम गुंडों की संपत्तियां भी जब्त करेंगे. ऋषि अरबिंदो और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमि पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं की जाएगी. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भूमि पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं की जाएगी.

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किसे कहा जायेगा असामाजिक गतिविधि

  1. जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से…आम जनता या उनके किसी वर्ग में दहशत, खतरा, भय या असुरक्षा पैदा करती हैं या पैदा करने की संभावना रखती हैं. मानव जीवन, व्यक्ति या संपत्ति को गंभीर खतरा पैदा करती हैं. व्यवस्था या शांति भंग करती हैं.
  2. किसी भी अधिकार या वैध व्यवसाय, व्यापार, पेशे या आजीविका में बाधा उत्पन्न करती हैं. किसी को भी अचल या चल संपत्ति से अवैध रूप से बेदखल करती हैं.
  3. सार्वजनिक या निजी संपत्ति को महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचाती हैं या खनन, उत्खनन, रेत निष्कर्षण, वन संसाधनों या वन्यजीवों से संबंधित कोई भी अवैध गतिविधि करती हैं, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान होता है.

‘गुंडे’ किसे समझा जाना चाहिए

  1. ऐसा व्यक्ति जो स्वयं या किसी दल, गिरोह या सिंडिकेट के सदस्य या नेता के रूप में नियमित रूप से असामाजिक गतिविधियों को अंजाम देता है, अंजाम देने का प्रयास करता है, उकसाता है, बढ़ावा देता है, वित्तपोषण करता है या उनमें सहायता करता है.
  2. ऐसा व्यक्ति जिस पर भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 111 या 112 के तहत दंडनीय अपराध का आरोप है.
  3. ऐसा व्यक्ति जो शस्त्र अधिनियम, 1959, मादक पदार्थ अधिनियम, 1985, अनैतिक तस्करी (रोकथाम) अधिनियम, 1956 या विस्फोटक अधिनियम, 1908 के तहत दंडनीय अपराध को अंजाम देता है, अंजाम देने का प्रयास करता है, उसमें सहायता करता है, उसे बढ़ावा देता है या उसका वित्तपोषण करता है.

कैसे काम करेगा यह विधेयक

  1. किसी संदिग्ध को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधीक्षक या उनके रैंक के किसी अधिकारी की रिपोर्ट आवश्यक होगी. उस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार गिरफ्तारी का आदेश दे सकती है.
  2. यदि किसी व्यक्ति को पिछले 7 वर्षों में कम से कम एक बार किसी अपराध के लिए अदालत में दोषी ठहराया गया हो, या उस पर कम से कम 3 अलग-अलग मामलों में आरोप लगाया गया हो, जो एक ही घटना से संबंधित न हों, तो उसे भी गिरफ्तार किया जा सकता है.
  3. यदि मुख्य पुलिस अधिकारी या मुख्यमंत्री गिरफ्तारी का आदेश देते हैं, तो आरोपी व्यक्ति के खिलाफ सबूत तुरंत राज्य के उप सरकारी अधिकारी को सूचित किए जाने चाहिए.
  4. सलाहकार बोर्ड दस्तावेजों की समीक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त जानकारी भी मांग सकता है. यदि बंदी चाहे या बोर्ड आवश्यक समझे, तो उसका बयान भी सुना जाएगा. इस कानून के तहत, अपराधों को सीधे गिरफ्तारी योग्य और गैर-जमानती माना जाएगा.

सजा से संबंधित नियम

आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को 3 वर्ष तक की कैद और जुर्माना हो सकता है. हिरासत में लिए गए या क्षेत्र छोड़ने का आदेश प्राप्त व्यक्ति को शरण देने या छिपाने वाले किसी भी व्यक्ति को 2 वर्ष तक की कैद और जुर्माना हो सकता है.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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