फोन करने के बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस बच्चे को जन्म देने के बाद प्रसूता की मौत

करीब डेढ़ घंटे तक प्रयास करने के बाद भी कोई सरकारी एंबुलेंस नहीं मिली. आख़िरकार एक महिला ने बच्चे को जन्म देने के बाद दम तोड़ दिया.

संवाददाता, कोलकाता.

करीब डेढ़ घंटे तक प्रयास करने के बाद भी कोई सरकारी एंबुलेंस नहीं मिली. आख़िरकार एक महिला ने बच्चे को जन्म देने के बाद दम तोड़ दिया. यह घटना मुर्शिदाबाद के फरक्का के नवनिर्मित प्रखंड प्राथमिक अस्पताल में हुई.

मृतका का नाम जमीला खातून (25) बताया गया है. वह फरक्का के इमामनगर गांव की रहनेवाली थी. मृतका के परिवारवालों का कहना है कि जमीला की प्रसव पीड़ा बढ़ने पर रविवार सुबह फरक्का के प्राथमिक प्रखंड अस्पताल लाया गया था. वहां उसने एक बेटे को जन्म दिया. लेकिन कुछ ही देर में उसकी हालत गंभीर हो गयी. अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे जंगीपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर कर दिया. इसके बाद एंबुलेंस के लिए सभी जुट गये. एक बार नहीं, बल्कि बार-बार सरकारी एम्बुलेंस सेवा 102 नंबर पर फ़ोन किया गया. डेढ़ घंटा बीत गया, लेकिन एंबुलेंस वहां नहीं पहुंची. काफ़ी देर बाद लोगों ने अर्जुनपुर अस्पताल से एक एंबुलेंस लेकर आये. महिला को जंगीपुर ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. बेबस परिवार के सामने जमीला खातून की मौत हो गयी. जमीला की मौत के बाद नवजात को गोद में लिए परिजन फूट-फूट कर रोने लगे. अस्पताल परिसर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. स्थानीय लोगों ने कहा कि बार-बार फोन करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिली. यह सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता है. घटना की खबर मिलते ही फरक्का थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. फरक्का प्रखंड प्राथमिक अस्पताल के अधिकारियों ने माना कि सही समय पर एंबुलेंस नहीं मिली. जन्म के बाद नवजात ने अपनी मां को खो दिया? इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?

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By SUBODH KUMAR SINGH

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