हेडमास्टर ही कर रहे स्कूल के क्लर्क-चपरासी के भी काम

also doing the work of the school clerk and peon

रथतला कॉलोनी हाइस्कूल में पढ़ते हैं करीब 400 छात्र 10 शिक्षक हैं कार्यरत कल्याणी. नदिया के रानाघाट स्थित रथतला कॉलोनी हाइस्कूल की हालत इन दिनों बेहद चिंताजनक हो चुकी है. इस स्कूल में अब हेडमास्टर साहब न केवल शैक्षणिक, बल्कि प्रशासनिक व अन्य कार्य भी कर रहे हैं. वह सुबह स्कूल का ताला खोलते हैं, घंटी बजाते हैं, दस्तावेज़ संभालते हैं और छात्र-शिक्षक उपस्थित का रिकॉर्ड रखने के साथ ही अन्य कार्य भी करते हैं. स्कूल में 400 विद्यार्थी, 10 शिक्षक : रथतला कॉलोनी हाइस्कूल में करीब 400 छात्र पढ़ते हैं और 10 शिक्षक कार्यरत हैं. लेकिन गैर-शैक्षणिक स्टाफ की कमी है. कहें कि ये नहीं हैं. इसका असर न सिर्फ स्कूल की व्यवस्था पर, बल्कि शिक्षकों के मनोबल और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी पड़ रहा है. पूरे राज्य में है यह संकट : गौरतलब है कि हाल ही में शिक्षक नियुक्ति घोटाले के चलते पश्चिम बंगाल में 25 हजार से अधिक शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति रद्द हो गयी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्यभर के स्कूलों की शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था चरमराने लगी है. रथतला हाइस्कूल की स्थिति इस राज्य व्यापी संकट की एक बानगी मात्र है. सरकार की चुप्पी पर सवाल : शिक्षक संघों और शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द गैर-शैक्षणिक स्टाफ की भरती प्रक्रिया शुरू नहीं की गयी, तो इसका असर आने वाले महीनों में परीक्षाओं और स्कूलों के सामान्य संचालन पर भी पड़ सकता है. रथतला हाइस्कूल की तरह ही इन दिनों स्कूलों के हेडमास्टर अपने कंधों पर विद्यालयों की पूरी व्यवस्था ढोने को मजबूर हैं. एक साथ तीन तरह की भूमिकाओं का पड़ रहा है बोझ स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक अनूप कुमार घोष ने बताया कि स्कूल में पहले एक क्लर्क के साथ ही एक ग्रुप डी कर्मचारी भी तैनात था. पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इनकी नौकरी चली गयी. वे दोनों उन 25 हजार से अधिक कर्मियों में शामिल थे, जिनकी नियुक्ति कथित भ्रष्टाचार के कारण रद्द कर दी गयी है. अब स्कूल के प्रशासनिक काम, कार्यालय का प्रबंधन, खाता-बही, साफ-सफाई और शारीरिक श्रम से जुड़े कई काम हेडमास्टर खुद ही कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत असहाय महसूस कर रहा हूं. समझ नहीं आ रहा करूं क्या ?’

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Published by: Sandip tiwari

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