आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण के जरिये बिहार के बाद बंगाल होगा निशाना : महुआ

महुआ मोइत्रा ने निर्वाचन आयोग के नये निर्देश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है.

एजेंसियां, कोलकाता/नयी दिल्ली

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने रविवार ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण करने का आदेश आगामी विधानसभा चुनाव में वास्तविक युवा मतदाताओं को मतदान से वंचित करने के लिए है और उसका अगला निशाना पश्चिम बंगाल होगा. मोइत्रा ने निर्वाचन आयोग के आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है.

उन्होंने आरोप लगाया है कि यह संविधान और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के कई प्रावधानों का उल्लंघन करता है. उनका कहना है कि उसने (निर्वाचन आयोग ने) अब बिहार के वास्तविक युवा मतदाताओं को वंचित करने के लिए इसे पेश किया है, जहां जल्द ही चुनाव होने वाले हैं. बाद में, वे बंगाल को निशाना बनायेंगे, जहां 2026 में चुनाव होने हैं. तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी पहले ही इस मुद्दे को उठा चुकी हैं और निर्वाचन आयोग की ‘शैतानी योजना’ के बारे में बात कर चुकी हैं. विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इस कदम पर चिंता व्यक्त की है और निर्वाचन आयोग से इसे आगे न बढ़ाने की अपील की है. हमने अब इस मुद्दे में हस्तक्षेप करने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है. मोइत्रा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के आदेश का उद्देश्य लाखों वास्तविक मतदाताओं को अक्षम करना है, जिनका जन्म एक जुलाई 1987 और दो दिसंबर 2004 के बीच हुआ है, और इससे केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा को मदद मिलेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Akhilesh kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >