SC से याचिका खारिज होते ही CID का एक्शन, अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय को कोलकाता से उठाया

Bengal Land Scam: सालबोनी जमीन घोटाला मामले में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय को सीआईडी ने कोलकाता के कालीघाट से हिरासत में लिया. सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद हुई कार्रवाई.

पश्चिम बंगाल अपराध जांच शाखा (CID) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (PA) सुमित रॉय को हिरासत में ले लिया है. यह कार्रवाई पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबनी में सरकारी जमीन की कथित अवैध बिक्री और घोटाले के सिलसिले में की गयी है. मामला जमीन दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपए की ठगी से जुड़ा है.

हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती

कलकत्ता हाईकोर्ट के 3 अगस्त के फैसले को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सुमित रॉय को वहां से राहत तो नहीं मिली, पुरानी राहत भी खत्म हो गयी. रॉय ने स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि सालबनी थाने में उनके खिलाफ दर्ज केस (संख्या 133/2026) में हाईकोर्ट ने उनको अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया. इस मामले में वह सुप्रीम कोर्ट से राहत चाहते हैं.

चीफ जस्टिस की बेंच का राहत से इनकार

सुप्रीम कोर्ट से दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागजी और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय को राहत देने से इनकार कर दिया. साथ ही 6 अगस्त को सुमित रॉय को दी गयी राहत को भी खत्म कर दिया. सुमित के खिलाफ सालबनी थाना में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 472, 473, 406, 409 और 120बी के तहत केस दर्ज हैं. फैसला आते ही सीआईडी एक्शन में आयी और सुमित को अभिषेक बनर्जी के घर से हिरासत में ले लिया.

ये भी पढ़ें: कौन हैं सुमित रॉय, जिनकी तलाश में पुलिस ने खटखटाया अभिषेक बनर्जी के घर का दरवाजा, क्यों भड़के कुणाल घोष?

सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होते ही एक्शन

सीआईडी का यह एक्शन उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) द्वारा सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किये जाने के तुरंत बाद हुआ. कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सीआईडी की टीम ने सुमित रॉय को कोलकाता स्थित अभिषेक बनर्जी के कालीघाट वाले आवास से हिरासत में लिया. इससे पहले देश की सबसे बड़ी अदालत ने सुमित रॉय की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया था. हालांकि, जांच आगे बढ़ने और अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सीआईडी ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया.

ये भी पढ़ें: कैश फॉर जॉब स्कैम : अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय पर FIR, लुकआउट नोटिस जारी, कालीघाट में छापा

सालबनी जमीन घोटाला के बारे में जानें

सालबनी क्षेत्र में सरकारी जमीन को बेचने, हस्तांतरित करने और धोखाधड़ी से जुड़े इस मामले में सुमित रॉय का नाम सामने आया था. राज्य सीआईडी इस मामले की जांच कर रही है. इससे पहले भी कई बार सुमित रॉय को पूछताछ के लिए राज्य सीआईडी मुख्यालय (भवानी भवन) में पेश होने के लिए समन भेजा गया था. अब हिरासत में लिये जाने के बाद उनसे कथित घोटाले के संबंध में दर्ज प्राथमिकताओं के आधार पर सीआईडी पूछताछ करेगी.

ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >