अभिषेक बनर्जी को हाईकोर्ट से मिली राहत, बैंक खाते और कार्ड के KYC अपडेट के लिए दस्तावेज सौंपने को कहा

Abhishek Banerjee Bank KYC Row: कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को फ्रीज बैंक खाते और कार्ड के केवाईसी (KYC) अपडेट के लिए तुरंत दस्तावेज सौंपने के निर्देश दिये. जानिए बैंक से कोर्ट ने क्या सवाल पूछे.

Abhishek Banerjee Bank KYC Row: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के फ्रीज किये गये बैंक खाते और ब्लॉक किये गये क्रेडिट-डेबिट कार्ड को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने राहत दी है. हाईकोर्ट ने सांसद को अपने बैंक खाते और कार्ड्स का ई-केवाईसी (e-KYC) अपडेट कराने के लिए जरूरी दस्तावेज तुरंत बैंक अधिकारियों को सौंपने का निर्देश दिया है. फैसले के तुरंत बाद कोलकाता और अलीपुरदुआर प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गयी, क्योंकि बैंक अधिकारियों को सांसद के आवास पर जाकर दस्तावेज प्राप्त करने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया है.

बैंक के अधिकारियों को सांसद के आवास पर जाने का आदेश

कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने कहा कि चूंकि खाता फ्रीज होने के कारण अभिषेक बनर्जी ऑनलाइन ई-केवाईसी (e-KYC) सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर सकते, इसलिए निजी बैंक के अधिकारी स्वयं उनके आवास पर जाकर आवश्यक कागजात प्राप्त करेंगे.

अभिषेक बनर्जी को घर में रहने का निर्देश

पीठ ने बैंक को निर्देश दिया कि वह सांसद को इस बात की पहले ही सूचना देंगे कि वे कब उनके आवास पहुंच रहे हैं. साथ ही कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी से कहा कि वह उस समय पर घर में मौजूद रहें, ताकि जरूरी फॉर्म पर उनके हस्ताक्षर लिये जा सकें.

ये भी पढ़ें: फिर लपेटे में अभिषेक बनर्जी! बंगाल के मंत्री ने डायमंड हार्बर एफसी में भ्रष्टाचार और मनी लाउंडरिंग के लगाये आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ED) और पैन का मुद्दा

सुनवाई के दौरान बैंक के वकील ने अदालत के समक्ष दावा किया कि बैंक की केंद्रीय टीम ने तीसरे पक्ष की जानकारी के आधार पर खाते पर अस्थायी रोक लगायी है, क्योंकि सांसद का नाम, पैन (PAN) नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर ईडी (ED) द्वारा दर्ज मामलों में शामिल हैं.

अदालत ने बैंक के बदलते रुख पर उठाये सवाल

जस्टिस कृष्ण राव ने बैंक के रुख पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब बैंक ने सांसद को शुरुआत में खाते के ब्लॉक होने का कारण केवाईसी अपडेट बताया था, तो क्या बैंक बाद में अपना रुख बदलकर ईडी के लंबित मामलों का हवाला दे सकता है?

ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी पर डबल अटैक : 2020 में शमिक भट्टाचार्य पर हमला मामले में प्राथमिकी दर्ज, अवैध खनन मामले में जांच के आदेश

विदेश यात्रा से ठीक पहले फ्रीज हुआ खाता

अभिषेक बनर्जी के वकील अयान भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि 10 अगस्त को जब सुप्रीम कोर्ट ने सांसद अभिषेक बनर्जी को इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दी, उसके तुरंत बाद बैंक ने उनका खाता और कार्ड ब्लॉक कर दिया. सांसद की अगले हफ्ते विदेश जाने की योजना है.

प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया और अगली सुनवाई

इस पूरे मामले की निगरानी और कागजी सत्यापन की प्रक्रिया के संबंध में बैंक प्रशासन तथा जिला स्तर पर एडीएम अलीपुरदुआर (ADM Alipurduar) और उत्तर 24 परगना प्रशासन को भी समन्वय में रखा जा रहा है. अदालत इस याचिका पर अगली सुनवाई सोमवार (25 अगस्त) को करेगी.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >