कोलकाता. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि क्लबों को सरकारी अनुदान देने की सिफारिश करने का मौका केवल सत्ताधारी दल के विधायकों को ही दिया जा रहा है. राज्य प्रशासन के खिलाफ यह आरोप लगाकर इस संबंध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हस्तक्षेप की मांग कांग्रेस विधायक तथा विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान ने की है. उनका कहना है कि प्रशासन ने हर स्तर पर दलतंत्र कायम किया है. उन्होंने कहा कि विरोधी दलों के विधायकों की उपेक्षा की जा रही है. यह खुद मुख्यमंत्री कर रही हैं. मुख्यमंत्री केंद्र के खिलाफ राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगा रही हैं, लेकिन वह भी एक ही आरोप की अभियुक्त हैं.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकारी किसी भी कमेटी में विरोधी दलों के चुने हुए प्रतिनिधियों को नहीं लिया जा रहा है. विरोधियों के कब्जे में रहनेवाली नगरपालिकाओं को जबरन दखल न कर पाने पर वहां राज्य प्रशासन आर्थिक प्रतिरोध खड़ा कर रहा है. यह सबकुछ मुख्यमंत्री के निर्देश पर हो रहा है. क्लबों को सरकारी अनुदान को लेकर दलीय राजनीति भी वह कर रही हैं.
