West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग (ECI) ने इस बार अभूतपूर्व तकनीकी घेराबंदी की है. चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए आयोग ने पहली बार फ्लाइंग स्क्वाड (FST) और स्टैटिक सर्विलांस टीमों (SST) के वाहनों पर लाइव आईपी (LIVE IP) कैमरे फिट किये हैं. अब दिल्ली और कोलकाता के कंट्रोल रूम से अधिकारी सीधे देख सकेंगे कि जमीन पर क्या चल रहा है.
लाइव स्ट्रीमिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग
इलेक्शन कमीशन ने साफ कर दिया है कि 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. 5,173 फ्लाइंग स्क्वायड और 5,200 स्टैटिक सर्विलांस टीमें पूरे राज्य में तैनात हैं. इन टीमों की गाड़ियों पर लगे कैमरे पल-पल की वीडियो फीड मुख्यालय को भेजेंगे.
100 मिनट में एक्शन का निर्देश
चुनाव आयोग ने कहा है कि C-Vigil ऐप के जरिये आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत मिलते ही ये टीमें हरकत में आ जायेंगी. आयोग ने 100 मिनट के भीतर कार्रवाई का लक्ष्य रखा है. कहा है कि मतदाता और राजनीतिक दल किसी भी शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1950 का इस्तेमाल कर सकते हैं.
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West Bengal Election 2026: आयोग की ये है तैयारी
- गाड़ियों पर कैमरे : निगरानी टीमों की गाड़ियों पर पहली बार लाइव माउंटेड कैमरे लगाये गये हैं.
- फुल वेबकास्टिंग : सभी मतदान केंद्रों की लाइव वीडियो निगरानी दिल्ली से की जायेगी.
- कठोर MCC : आदर्श आचार संहिता (MCC) उल्लंघन पर तत्काल FIR और गिरफ्तारी के निर्देश दिये गये हैं.
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