चंदा के नाम पर अत्याचार बरदाश्त नहीं : CM ममता

कोलकाता: दुर्गापूजा आैर कालीपूजा के समय जोर-जबरदस्ती चंदा लिये जाने की खबरें अक्सर सामने आती हैं. चंदा के नाम पर आम लोगों, व्यवसायियों व वाहन चालकों के ऊपर अत्याचार की घटनाएं भी आम हैं. पर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार चंदा के नाम पर अत्याचार व जुल्म बरदाश्त नहीं […]

कोलकाता: दुर्गापूजा आैर कालीपूजा के समय जोर-जबरदस्ती चंदा लिये जाने की खबरें अक्सर सामने आती हैं. चंदा के नाम पर आम लोगों, व्यवसायियों व वाहन चालकों के ऊपर अत्याचार की घटनाएं भी आम हैं. पर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार चंदा के नाम पर अत्याचार व जुल्म बरदाश्त नहीं करेगी. मंगलवार को नवान्न में हुई टास्क फोर्स की बैठक के माध्यम से मुख्यमंत्री ने चंदा के नाम पर होनेवाले अत्याचार काे सख्ती से रोकने का निर्देश दिया. टास्क फोर्स की बैठक में इस मुद्दे को पेश किया गया था. जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कहीं भी चंदा के लिए किसी पर अत्याचार होता है, तो लोग खामोश न रहें, बल्कि प्रशासन को इसकी जानकारी दें. प्रशासन जरूर कार्रवाई करेगा. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को चंदा के नाम पर होनेवाले अत्याचार को रोकने के लिए सभी प्रकार की जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
स्वास्थ्य सचिव से नाखुश ममता, हटाये जाने की अटकलें
कोलकाता. क्या राज्य स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आरएस शुक्ला को दुर्गापूजा के बाद उनके पद से हटा दिया जायेगा. इन दिनों राज्य सचिवालय नवान्न एवं स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय स्वास्थ्य भवन में यह अटकल जोरों पर है. सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी श्री शुक्ला के काम से खुश नहीं हैं. विशेष रूप से राज्य में फैले डेंगू के प्रकोप से निबटने में हुई नाकामी से मुख्यमंत्री खुश नहीं हैं. डेंगू से राज्य भर में जुलाई से अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात हजार से अधिक लोग पीड़ित हुए हैं. गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग भी मुख्यमंत्री के ही हाथों में है. श्री शुक्ला को स्वास्थ्य विभाग के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव मलय कुमार दे के स्थान पर विभाग में लाया गया था. श्री दे को गृह विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी गयी.

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार श्री शुक्ला को हटाने के लिए राज्य सचिवालय ने कदम उठाना आरंभ कर दिया है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक दूसरे विभाग के एक वरिष्ठ नौकरशाह डेंगू के प्रकोप एवं सरकारी अस्पतालों में दलालों के बढ़ते दबदबे जैसे स्वास्थ्य संबंधी कई मुद्दों पर कई बैठक कर चुके हैं. वरिष्ठ नौकरशाह ने श्री शुक्ला के शहर में मौजूद होने के बावजूद नवान्न में यह बैठक की. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार यह कदम यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सचिव के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं. वह स्वास्थ्य विभाग में फेरबदल करना चाहती हैं. दूसरी तरफ सरकार ने आइएएस अधिकारी मनमीत नंदा को राज्य के 13 सरकारी अस्पतालों के कामकाज पर नजर रखने के लिए नियुक्त कर दिया है. इस कदम से पता चलता है कि सरकार श्री शुक्ला के पर कतरना चाहती है.

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