पिछले वर्ष हुगली से लापता हुईंं 800 किशोरियां

जिले में नाबालिगों के लापता होने और बाल विवाह की बढ़ती घटनाओं पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने गहरी चिंता व्यक्त की है.

प्रतिनिधि, हुगली

जिले में नाबालिगों के लापता होने और बाल विवाह की बढ़ती घटनाओं पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने गहरी चिंता व्यक्त की है. इस विषय पर सोमवार को हुगली जिला प्रशासनिक भवन (चुंचुड़ा सर्किट हाउस) में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इसमें राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ अर्चना मजूमदार, हुगली के अतिरिक्त जिलाधिकारी (विकास) अमितेंदु पॉल, हुगली ग्रामीण पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कल्याण सरकार, आरामबाग थाने के आइसी राकेश सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे. बैठक में डॉ अर्चना मजूमदार ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में हुगली जिले विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में किशोरियों के लापता होने के मामले तेजी से बढ़े है. पिछले वर्ष से अब तक जिले में 800 से अधिक किशोरियां लापता हुई हैं, जो बेहद गंभीर मामला है. इनमें से कुछ की रिकवरी भी हुई है, लेकिन कई मामलों की जांच अब भी जारी है. डाॅ अर्चना ने कहा कि मोबाइल के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं. इसलिए अभिभावकों को सतर्क रहना होगा. यह देखना होगा कि उनके बच्चे मोबाइल पर क्या देख रहे हैं और किन-किन लोगों से संपर्क में हैं. डॉ मजूमदार ने प्रशासन से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इस गंभीर समस्या पर जल्द कदम नहीं उठाये गये, तो स्थिति और भयावह हो सकती है. उन्होंने लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करने और किशोरियों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाने का आग्रह किया. इस पर हुगली ग्रामीण पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कल्याण सरकार ने आश्वासन दिया कि गुमशुदा लड़कियों की तलाश के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन समन्वय बनाकर काम करेंगे और बाल विवाह के मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी. इस बैठक के बाद हुगली जिला प्रशासन द्वारा जल्द ही एक कार्य योजना जारी करने की संभावना है, जिसमें इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाये जायेंगे.

बाल विवाह के मामले भी बढ़े, राष्ट्रीय महिला आयोग ने जतायी गहरी चिंता

साथ ही आरामबाग महकमे में बाल विवाह के मामलों में वृद्धि देखी गयी है. इसे रोकने के लिए प्रशासन को अधिक सक्रिय होने की जरूरत है. स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने और विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने की आवश्यकता है. उन्होंने पुलिस से कानून को सख्ती से लागू करने और दोषी अभिभावकों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही. बैठक में बाल विवाह और किशोरियों की गुमशुदगी के मामले रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों पर चर्चा हुई. ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने, स्कूलों में विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने और पंचायत स्तर पर निगरानी समितियां बनाने का सुझाव दिया गया. साथ ही लापता लड़कियों की त्वरित खोज के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) के गठन की भी बात कही गयी. आयोग ने प्रशासन को निर्देश दिया कि गांवों और कस्बों में आशा कार्यकर्ताओं व आंगनबाड़ी कर्मियों को सतर्क किया जाये, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना समय पर मिल सके.

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By Akhilesh kumar singh

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