जेल में दिनभर गुस्से में दिखे मदन मित्रा

कोलकाता: विधानसभा चुनाव में कमरहट्टी विधानसभा सीट से अच्छा फल मिलने की चिंता जेल में कैद राज्य के पूर्व परिवहन मंत्री मदन मित्रा के चेहरे पर सोमवार को साफ देखी गयी. अलीपुर सेंट्रल जेल सूत्रों के मुताबिक जेल के अंदर वे रविवार रात से अपने वार्ड में सोये नहीं थे. सोमवार सुबह होते ही 6 […]

कोलकाता: विधानसभा चुनाव में कमरहट्टी विधानसभा सीट से अच्छा फल मिलने की चिंता जेल में कैद राज्य के पूर्व परिवहन मंत्री मदन मित्रा के चेहरे पर सोमवार को साफ देखी गयी. अलीपुर सेंट्रल जेल सूत्रों के मुताबिक जेल के अंदर वे रविवार रात से अपने वार्ड में सोये नहीं थे. सोमवार सुबह होते ही 6 नंबर मंदिर वार्ड में वह टीवी के पास आकर बैठ गये.

दिनभर वह टीवी के सामने वोट की खबर पर नजर लगाये थे. जेल सूत्र बताते है कि दोपहर को चिकित्सकों की टीम रूटीन जांच के लिए उनके पास पहुंची, तो मदन मित्रा ने उन्हें जोर की फटकार लगायी. मदन मित्रा की फटकार के बाद बिना शारीरिक परीक्षा किये ही चिकित्सकों की टीम वापस लौट गयी. इसके बाद उन्हें नहाने व खाने के लिए बुलाने वाले जेल कर्मियों को भी मदन से फटकार सुनना पड़ा. आयोग के निर्देश के कारण सुबह से ही मदन मित्रा को जेल के अंदर नजरबंद रखा गया था. सब जेलर प्रदीप पाल को उनके कक्ष के बाहर बिठाया गया था. इसके कारण कई बार गुस्से में आकर मदन ने उन्हें भी अपशब्द कहा.

जेल के अंदर कार्यरत जेल कर्मियों का कहना है कि इतने महीनों के अंतराल में जेल में कैद अब तक मदन मित्रा को इतने गुस्से में कभी नहीं देखा गया था. लेकिन सोमवार को जैसे-जैसे उनके विधानसभा क्षेत्र में कमरहट्टी में केंद्रीय बल के जवानों को बाहरी लोगों पर कार्रवाई करते वे जेल में लगे टीवी में वे देख रहे थे, वैसे-वैसे उनका गुस्सा और भी बढ़ता जा रहा था. शाम को 4.30 बजे नजरबंदी का निर्देश खत्म होने के बाद वे जेल से अपने कक्ष के बाहर निकले और नहा कर मंदिर गये. वहां काफी देर तक वे कीर्तन सुने, इसके बाद उन्होंने प्रसाद भी खाया और फिर अपने वार्ड में एकांत में चले गये.
कमरहट्टी पर टिकीं निगाहें, मतदान नहीं कर पाये मदन मित्रा
सोमवार को मतदान के दौरान सभी की निगाहें जेल में बंद पूर्व परिवहन एवं खेल मंत्री मदन मित्रा के विधानसभा क्षेत्र कमरहट्टी पर टिकी रहीं. श्री मित्रा उत्तर 24 परगना जिले की कमरहट्टी सीट से दोबारा चुनाव मैदान में उतरे हैं. उन्हें सीबीआइ ने कई करोड़ रुपये के सारधा चिटफंड घोटाले में दिसंबर 2014 में गिरफ्तार किया था. ऐसा पहली बार है, जब कोई हाइप्रोफाइल उम्मीदवार जेल से पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ रहा है. दिलचस्प बात यह रही कि उन्हें जेल में बंद होने के कारण मताधिकार का प्रयोग करने नहीं दिया गया.

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