कांग्रेस-माकपा की जमानत होगी जब्त, तृणमूल आयेगी सत्ता में : ममता बनर्जी
।।अजय विद्यार्थी।। कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में माकपा व कांग्रेस के बीच गंठबंधन पर जमकर निशाना साधा. शुक्रवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा कि माकपा व कांग्रेस के बीच जोट का वह स्वागत करती है. वह चाहती हैं कि […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
।।अजय विद्यार्थी।।
कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में माकपा व कांग्रेस के बीच गंठबंधन पर जमकर निशाना साधा. शुक्रवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा कि माकपा व कांग्रेस के बीच जोट का वह स्वागत करती है. वह चाहती हैं कि माकपा व कांग्रेस के बीच जोट अाधिकारिक रूप से हो.
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है. पिछले पांच वर्षों में राज्य में जितना विकास हुआ है, विश्व में कहीं भी इतने कम समय में नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को विकास दिखायी दे रहा है तथा कुछ लोगों को नहीं दिखायी दे रहा है. ऐसे लोगों के लिए वह कुछ भी नहीं कर सकती हैं. आम लोगों को सब मालूम है. उन्होंने कहा कि माकपा व कांग्रेस में जोट हो रहा है. हम लोगों का आम लोगों के साथ महागंठबंधन है. कांग्रेस व माकपा की जमानत जब्त होगी. हम फिर से सत्ता में वापस आयेंगे. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों में हताशा है और हताशा से अनाप शनाप बोल रहे हैं. वह कुछ भी नहीं कर सकतीं. वे लोग जितनी आलोचना करेंगे. उससे उनकी उतनी शक्ति बढ़ेगी.
मुख्यमंत्री के जवाबी भाषण के समय वाममोरचा के विधायक लगातार टोका-टोकी करते रहे. इससे क्षुब्ध मुख्यमंत्री चाकुलिया के विधायक अली इमरान रम्ज पर बरस पड़ीं. उन्होंने रम्ज को संबोधित करते हुए सवाल किया कि वह कितने दिनों से राजनीति कर रहे हैं. इससे सभा में उपस्थिति विपक्ष के नेता डॉ. सूर्यकांत मिश्रा भड़क उठे और मुख्यमंत्री व सूर्यकांत के बीच कुछ देर तक तकरार होते रही, हालांकि शोरगुल के बीच कुछ सुना नहीं जा सका.
बाद में श्री रम्ज ने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यकों के लिए कुछ भी नहीं कर रही हैं. वक्फ की संपत्ति से केवल 325 रुपये किराया मिल रहा है. केवल खैरात देकर अल्पसंख्यकों का विकास नहीं हो सकता है. उन्होंने इस्लामपुर को अलग जिला बनाने की मांग की. वहीं, विपक्ष के नेता डॉ. सूर्यकांत मिश्रा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार तानाशाही सरकार है तथा आम लोगों के साथ सरकार ने विश्वासघात किया है.