कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का जवाब देते हुए सिंगूर मामले से अपना पल्ला छाड़ लिया. सुश्री बनर्जी ने कहा कि सरकार गठन के बाद अपने वादे के अनुसार सिंगूर के नैनो कारखाने की जमीन का अधिग्रहण किया गया. राज्य सरकार के सिंगूर की जमीन अधिग्रहण करने के निर्णय के खिलाफ अदालत में मामला किया गया है. फिलहाल यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है.
ममता ने सिंगूर से झाड़ा पल्ला
कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का जवाब देते हुए सिंगूर मामले से अपना पल्ला छाड़ लिया. सुश्री बनर्जी ने कहा कि सरकार गठन के बाद अपने वादे के अनुसार सिंगूर के नैनो कारखाने की जमीन का अधिग्रहण किया गया. राज्य सरकार के सिंगूर की जमीन […]

आशा करते हैं कि अदालत इस मामले में अपना फैसला जल्द सुनायेगी. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना वादा पूरा किया है. अब यह मामला अदालत में है. उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण के बाद से ही सिंगूर के किसानों को दो रुपये प्रति किलो की दर से चावल दे रही हैं. उल्लेखनीय है कि वाममोरचा शासन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के नेतृत्व में सिंगूर में नैनो कारखाना लगाने के लिए सिंगूर की जमीन का अधिग्रहण किया था, लेकिन जमीन अधिग्रहण के खिलाफ तत्कालीन विरोधी दल की नेता ममता बनर्जी के नेतृत्व में आंदोलन हुए और अंतत: टाटा समूह के नैनो कारखाना सिंगूर से साणंद स्थानांतरित करने के लिए बाध्य होना पड़ा.
मई 2011 में राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व में सरकार बनीं. ममता बनर्जी ने पहली कैबिनेट की बैठक में सिंगूर की जमीन अधिग्रहण करने की घोषणा की. सिंगूर जमीन अधिग्रहण विधेयक पारित किये गये, लेकिन टाटा समूह ने इसके खिलाफ अदालत में मामला किया और फिलहाल यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है.