नगर निगम चुनाव : तृणमूल ने किया विपक्ष का सफाया

सत्ताधारी पार्टी ने विधाननगर, हावड़ा-बाली व आसनसोल नगर निगम के चुनाव में शानदार जीत दर्ज की वाम मोरचा की उम्मीदों पर फिरा पानी, असीम दासगुप्ता भी हारे, कांग्रेस पस्त, भाजपा का निराशाजनक प्रदर्शन कोलकाता/आसनसोल : राज्य में तृणमूल कांग्रेस का विजय अभियान जारी है. पार्टी ने आसनसोल, विधाननगर और हावड़ा-बाली नगर निगम के चुनाव में […]

सत्ताधारी पार्टी ने विधाननगर, हावड़ा-बाली व आसनसोल नगर निगम के चुनाव में शानदार जीत दर्ज की
वाम मोरचा की उम्मीदों पर फिरा पानी, असीम दासगुप्ता भी हारे, कांग्रेस पस्त, भाजपा का निराशाजनक प्रदर्शन
कोलकाता/आसनसोल : राज्य में तृणमूल कांग्रेस का विजय अभियान जारी है. पार्टी ने आसनसोल, विधाननगर और हावड़ा-बाली नगर निगम के चुनाव में भारी जीत दर्ज की है. सिलीगुड़ी नगर निगम और अभी हाल में सिलीगुड़ी महकमा परिषद चुनाव में जीत से वाम मोरचा को बेहतर नतीजे की उम्मीद थी. पर, शनिवार को घोषित तीन नगर निगमों के चुनाव परिणाम से मोरचा की उम्मीद पर पानी फिर गया. चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायतों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने शानदार जीत दर्ज की है.
विधाननगर नगर निगम के कुल 41 वार्डों में 37 पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की, जबकि वाममोरचा और कांग्रेस को दो-दो सीटों पर कामयाबी मिली. हावड़ा नगर निगम (बाली) के सभी 16 वार्ड तृणमूल कांग्रेस की झोली में चले गये. विपक्ष खाता भी नहीं खोल सका.
आसनसोल नगर निगम के 106 वार्डों में से 74 तथा एक निर्दल समर्थक के साथ तृणमूल ने 75 सीटों पर कब्जा किया तथा लगातार दूसरी बार निगम बोर्ड पर कब्जा किया. वाममोरचा को 17, भारतीय जनता पार्टी को आठ, कांग्रेस को तीन और निर्दलीय को तीन सीटें मिलीं. तृणमूल को 47 फीसदी, वाममोरचा को 23 फीसदी, भाजपा को 18 फीसदी तथा कांग्रेस को सात फीसदी मत मिले. शनिवार को स्थानीय इंडोर स्टेडियम में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना संपन्न हुई.
वाममोरचा के अजेय दुर्ग माने जानेवाले जामुड़िया व रानीगंज को तृणमूल ने ध्वस्त कर दिया. जामुड़िया शहर की 13 सीटों में से तृणमूल ने 11 सीटों पर कब्जा किया तथा वाममोरचा को मात्र दो सीटें मिली. रानीगंज शहर की 11 सीटों में से तृणमूल को छह तथा वाममोरचा को मात्र पांच सीटों पर संतोष करना पड़ा. आसनसोल नॉर्थ विधानसभा की 32 सीटों में से तृणमूल को 20 सीटें, वाममोरचा व भाजपा को पांच-पांच सीटें तथा निर्दलीय को दो सीटें मिली हैं. आसनसोल साउथ विधानसभा क्षेत्र की 22 सीटों में से तृणमूल को 18, तृणमूल समर्थक निर्दल को एक सीट मिली है. जबकि वाममोरचा को दो तथा भाजपा को एक सीट मिली है. कुल्टी विधानसभा क्षेत्र में 28 सीटों में से तृणमूल को 19, वाममोरचा व कांग्रेस को तीन-तीन, भाजपा को दो तथा निर्दल को एक सीट मिली.
सबसे हताशापूर्ण स्थिति भारतीय जनता पार्टी की रही. पिछले वर्ष हुए संसदीय चुनाव में पार्टी प्रत्याशी बाबुल सुप्रियो को कुल्टी विधानसभा क्षेत्र में 40 हजार मतों की बढ़त मिली थी तथा तत्कालीन कुल्टी पालिका क्षेत्र के 35 वार्डों में से अधिसंख्य पर उसे भारी बढ़त मिली थी.
माना जा रहा था कि कुल्टी में पार्टी का प्रदर्शन शानदार रह सकता है. लेकिन 28 सीटों में से उसे मात्र दो ही सीटें मिल सकी हैं. तृणमूल विधायक उज्जवल चटर्जी ने फिर से अपना शानदार शक्ति प्रदर्शन किया है. 28 में से 19 सीटों पर कब्जा कर विपक्षियों को पूरी तरह से पटकनी दे दी है. सबसे चौंकनेवाला प्रदर्शन इस क्षेत्र में कांग्रेस का रहा है. पार्टी ने पूरे नगर निगम क्षेत्र में मात्र तीन सीटें जीती है. सभी सीटें कुल्टी विधानसभा क्षेत्र से आयी हैं. कांग्रेस के लिए इस क्षेत्र में यह रिजल्ट काफी उत्साहबर्धक हो सकता है.
गौरतलब है कि तीन अक्तूबर को हुए तीन नगर निगमों के चुनाव में बड़े पैमाने पर हिंसा, बूथ कैप्चरिंग आदि की शिकायतें मिली थीं. चुनाव प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही राजनीतिक दबाव के चलते राज्य चुनाव आयुक्त सुशांत रंजन उपाध्याय ने इस्तीफा दे दिया. बाद में परिवहन विभाग के प्रधान सचिव अलापन बंद्योपाध्याय को अस्थायी राज्य चुनाव आयुक्त बनाया गया. विपक्षी दलों के कड़े विरोध के बावजूद नये राज्य चुनाव आयुक्त ने मतगणना की तिथि निर्धारित कर दी. चुनाव का पूरा नतीजा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में ही रहा. वाममोरचा के कद्दावर नेता, पूर्व मंत्री व विधाननगर नगर निगम चुनाव में वामो के मेयर पद के उम्मीदवार असीम दासगुप्ता और रमोला चक्रवर्ती को पराजय का सामना करना पड़ा है.
चुनाव परिणाम पर एक नजर :
विधाननगर नगर निगम
कुल वार्ड 41
तृणमूल कांग्रेस 37
वाममोरचा 02
भाजपा 00
कांग्रेस 02
निर्दलीय 00
आसनसोल नगर निगम
कुल वार्ड 106
तृणमूल कांग्रेस 74
वाममोरचा 17
भाजपा 08
कांग्रेस 03
निर्दलीय 04
िकसने क्या कहा
चुनाव पूरी प्रक्रिया पूरी होने में विपक्षी दलों द्वारा बाधा दी गयी थी लेकिन शनिवार को यह साफ हो गया कि जनता तृणमूल कांग्रेस के साथ है. लोगों ने एक बार फिर वाममोरचा समेत अन्य विपक्षी दलों को आईना दिखा दिया है.
पार्थ चटर्जी, शिक्षा मंत्री
यदि आम लोग वोट दे पाते तो शायद तृणमूल कांग्रेस विजयी नहीं होती. तीनों निगमों का चुनाव भारी हिंसा के बीच संपन्न हुआ था.
-डॉ सूर्यकांत मिश्रा, राज्य माकपा सचिव

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