कोलकाता नगर निगम: वार्ड 76 में त्रिकोणीय मुकाबला

कोलकाता. वार्ड नंबर 76 के कवितीर्थ का ऐतिहासिक महत्व है. माईकल मधुसूदन दत्त, रामकमल, रंगलाल बनर्जी, हेमचंद्र, कवि सुकांतो से लेकर कवि इकबाल की जन्मस्थली होने के कारण इस स्थान का नाम कवितीर्थ पडा. इसके अलावा यहां के लोग सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एवं राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष रह चुके अशोक गांगुली की वजह […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 13, 2015 7:07 AM
कोलकाता. वार्ड नंबर 76 के कवितीर्थ का ऐतिहासिक महत्व है. माईकल मधुसूदन दत्त, रामकमल, रंगलाल बनर्जी, हेमचंद्र, कवि सुकांतो से लेकर कवि इकबाल की जन्मस्थली होने के कारण इस स्थान का नाम कवितीर्थ पडा. इसके अलावा यहां के लोग सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एवं राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष रह चुके अशोक गांगुली की वजह से भी गर्व महसूस करते हैं. सामाजिक चेतना इस इलाके के कण-कण में बसी है.

कोलकाता नगर निगम के इस क्षेत्र में आपको ऐसा महसूस होगा कि वक्त का पहिया पीछे चला गया है. इन कवियों के जीर्ण-शीर्ण मकानों के अवशेष ऐतिहासिक उपस्थिति से रोमांचित करते हैं. कोलकाता नगर निगम के इस वार्ड की एक और खासियत यह है कि यहां सदियों पुरानी सांप्रदायिक सद्भाव की गंगा-जमुनी तहजीब को आप महसूस कर सकते हैं. पिछली बार इस वार्ड से तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. इस बार भाजपा के आने के बाद त्रिकोणीय मुकाबला के आसार हैं.

क्या कहते हैं प्रत्याशी
तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर दूसरी बार चुनाव मैदान में उतरा हूं. मुख्यमंत्री ममता मनर्जी के उन्नयन के प्रति लोगों का विश्वास कायम है. काफी साधारण परिवार से हूं. राजनीति के इस सफर में लोगों के विश्वास को ही अपना हथियार मानता हूं. जनता के हर सुख-दुख में उनके साथ पांच वर्षो से जुड़ा हूं. यही वजह है कि हर वर्ग के लोग मेरे समर्थक हैं.
षष्ठी दास, तृणमूल प्रत्याशी
तीन दशक से सामाजिक सरोकार से जुड़ा हूं. मौलाना अबुल कलाम आजाद फाउंडेशन का अध्यक्ष तथा सोशलिस्ट स्टडी ग्रुप का महासचिव रह चुका हूं. यहां के लोग विकास के पक्ष में आस्था रखते हैं. निगम के इस वार्ड में कांटे की टक्कर है. पिछले पांच वर्षो में जनता ने तृणमूल के कार्यो को देखा-परखा है. भाजपा और नरेंद्र मोदी के विकास के एजेंडे के प्रति लोगों का झुकाव है. मतदाता मेरा साथ देंगे, ऐसा मुङो पूरा विश्वास है.
डॉ रबीन दास, भाजपा प्रत्याशी
वाम मोरचा के शासनकाल में जिस तरह यहां का विकास हुआ था, आज वह नहीं के बराबर है. पार्क बनाने तथा स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर जनता के धन का बंदरबांट जारी है. विधवा पेंशन से लेकर अन्य सामाजिक योजनाओं के लाभ से गरीब लोग वंचित हैं. इस इलाके का ऐतिहासिक महत्व होने के बावजूद यहां की स्थिति को देख कर शर्मिदा होना पड़ता है. वाम मोरचा की नीतियों के आधार पर मैं लोगों से वोट की अपील करती हूं. मतदाताओं का समर्थन मुङो मिल रहा है.
मनोरमा राय उर्फ मनु दी, माकपा प्रत्याशी
क्या कहते हैं मतदाता
कवितीर्थ के नाम से जाने जानेवाले इस इलाके के प्रति वाम मोरचा से लेकर वर्तमान सरकार का रवैया पूरी तरह उदासीन रहा है. यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. जिस तरह से सरकार विकास का ढिंढोरा पीट रही है, वह पूरी तरह गलत है.
विजय कुमार साह, स्थानीय निवासी
यह वार्ड आपसी भाईचारे के लिए विख्यात रहा है. खिदिरपुर पोर्ट के नजदीक होने की वजह से यहां काफी घनी आबादी है. पहले की अपेक्षा यहां का काफी विकास हुआ है.
मोहम्मद सलाउद्दीन, व्यवसायी
यह वार्ड पूरी तरह सरकारी उपेक्षा का शिकार है. इलाके में जिस अनुपात में जनसंख्या वृद्धि हुई है, उस अनुपात में यहां का विकास नहीं हुआ है. पार्को की हालत खराब है. कम्युनिटी हॉल और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता है.
तापस सेठ, सरकारी कर्मचारी