जलापूर्ति की दिक्कत के कारण बढ़ रहा डायरिया का प्रकोप: विश्व बैंक
कोलकाता. पाइपलाइन से जल की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाना विश्व के सबसे बड़े मैंग्रोव जंगल सुंदरवन में डायरिया के बढ़ते प्रकोप के मुख्य कारणों में से एक है. यह बात विश्व बैंक ने कही है, जिसने समस्या से निबटने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है. विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया […]
कोलकाता. पाइपलाइन से जल की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाना विश्व के सबसे बड़े मैंग्रोव जंगल सुंदरवन में डायरिया के बढ़ते प्रकोप के मुख्य कारणों में से एक है. यह बात विश्व बैंक ने कही है, जिसने समस्या से निबटने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है. विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि सुंदरवन में केवल 28 प्रतिशत आबादी तक ही पाइपलाइन से जलापूर्ति होती है. दक्षिण 24 परगना जिला क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाले घरों में पाइपलाइन से जलापूर्ति तीन से 40 प्रतिशत तक है, जबकि उत्तर 24 परगना क्षेत्रों में यह 21 से 57 प्रतिशत के बीच है. सुुंदरवन का इलाका उत्तर और दक्षिण 24 परगना दोनों जिलों में पड़ता है. बिल्डिंग रिजिलीअन्स फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट ऑफ सुंदरवन- स्ट्रेटेजी रिपोर्ट शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएलटीए के तहत किये गये अध्ययन के अनुसार सुंदरवन में घरों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने और स्वच्छता की कमी के चलते 2008 में डायरिया से करीब 1925 मौतें हुई थीं तथा इस बीमारी के 15 लाख मामले सामने आये. मरनेवालों में करीब 1700 बच्चे थे जिनकी उम्र पांच साल से कम थी. विश्व बैंक से जुड़े वरिष्ठ परामर्शदाता संजय गुप्ता ने कहा कि सुंदरवन में पेयजल आपूर्ति की स्थिति बहुत खराब है. उन्होंने समस्या से निबटने तथा स्थिति में सुधार के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने का आह्वान किया.
