नाबालिग के अपहरण के आरोप में पांच वर्ष की सजा
हल्दिया. नाबालिग लड़की का अपहरण कर उससे शादी करने के अपराध में एक युवक को पांच वर्ष तथा उसकी एक महिला सहयोगी को चार वर्ष के कारावास की सजा तमलुक अदालत ने सुनायी है. शुक्रवार को तमलुक के अतिरिक्त जिला व दायरा न्यायाधीश (द्वितीय) कुमकुम सिन्हा ने यह फैसला सुनाया. सरकारी वकील बद्रू आलम मल्लिक […]
हल्दिया. नाबालिग लड़की का अपहरण कर उससे शादी करने के अपराध में एक युवक को पांच वर्ष तथा उसकी एक महिला सहयोगी को चार वर्ष के कारावास की सजा तमलुक अदालत ने सुनायी है. शुक्रवार को तमलुक के अतिरिक्त जिला व दायरा न्यायाधीश (द्वितीय) कुमकुम सिन्हा ने यह फैसला सुनाया. सरकारी वकील बद्रू आलम मल्लिक ने बताया कि मंगल दास अधिकारी (32) को तमलुक अदालत ने दोषी करार दिया है. उसे पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी गयी है. जुर्माना न चुकाने की स्थिति में छह महीने की सजा और भुगतनी होगी. अदालत के सूत्रों से पता चला है कि वर्ष 2011 के 15 मई को मैना थाना क्षेत्र के चंग्राकलागंडा गांव की यह घटना है. इलाके में एक मेले का आयोजन हुआ था. मेले में घूमने के नाम पर गांव की रहने वाली एक नाबालिग लड़की को मोहल्ले की रहने वाली रीता जाना लेकर गयी. इसके बाद मैना थाना क्षेत्र के श्रीकंठा गांव के रहने वाले मंगल ने बाइक पर उसे जबरन बैठा दिया. वहां से उसे ले जाकर उसने एक गुप्त स्थान पर रखा. चार दिन बाद उससे जबरन शादी कर वह लौट आया. जानकारी मिलने पर लड़की के मां-बाप व अन्य मंगल के घर पहुंचे. वह लड़की को घर ले आये. बाद में थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी गयी. चार वर्ष बाद यह फैसला आया.
