विक्टोरिया जूट मिल में गतिरोध बरकरार

मिल खुली, काम ठपहुगली. लगभग दो माह से बंद भद्रेश्वर के तेलनीपाड़ा स्थित विक्टोरिया जूट मिल को त्रिपक्षीय समझौते के अनुसार, मंगलवार को खोल दिया गया. सुबह की पाली में श्रमिक मिल में काम करने पहुंचे, लेकिन कुछ श्रमिकों को काम मिला और कई को काम नहीं मिला. इससे असंतुष्ट श्रमिकों ने काम का बहिष्कार […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 6, 2015 10:03 PM

मिल खुली, काम ठपहुगली. लगभग दो माह से बंद भद्रेश्वर के तेलनीपाड़ा स्थित विक्टोरिया जूट मिल को त्रिपक्षीय समझौते के अनुसार, मंगलवार को खोल दिया गया. सुबह की पाली में श्रमिक मिल में काम करने पहुंचे, लेकिन कुछ श्रमिकों को काम मिला और कई को काम नहीं मिला. इससे असंतुष्ट श्रमिकों ने काम का बहिष्कार कर दिया. गेट के बाहर इकट्ठा होकर प्रबंधन के खिलाफ श्रमिक नारेबाजी करने लगे. परिणामस्वरूप मंगलवार को मिल दिन भर मिल खुला रहा, लेकिन उत्पादन प्रक्रिया पूरी तरह ठप रही. इधर, मिल प्रबंधन ने इस स्थिति के लिए श्रमिक यूनियनों को जिम्मेदार ठहराया है. उल्लेखनीय है कि श्रमिकों व प्रबंधन के बीच विवाद के बाद आठ नवंबर को मिल में तालाबंदी कर दी गयी थी. इसके बाद मिल खोलने को लेकर श्रम कार्यालय के परिषदीय सचिव तपन दास गुप्ता के नेतृत्व में भद्रेश्वर नगरपालिका में बीते साल 30 दिसंबर को त्रिपक्षीय बैठक हुई थी, जिसमें प्रबंधन व श्रमिक यूनियन के प्रतिनिधि और श्रम अधिकारी शामिल हुए थे. बैठक में छह जनवरी से मिल खोलने को लेकर आम सहमति बनी. इसी सहमति के आधार पर मंगलवार को प्रबंधन की ओर से मिल खोला गया. हालांकि मिल के सीनियर प्रेसिडेंट आरके सिंह ने श्रमिक यूनियन पर आरोप लगाया कि समझौते में यह तय हुआ था कि पहले चरण में कुछ श्रमिकों को काम पर रखा जायेगा. इसके बाद क्रमबद्ध तरीके से सभी को काम पर लिया जायेगा. साथ ही इस आशय की जानकारी श्रमिक यूनियनों को श्रमिकों को देने के लिए कहा गया था, लेकिन श्रमिक यूनियनों ने इसकी जानकारी श्रमिकों को नहीं दी. परिणामस्वरूप काम का श्रमिकों ने बहिष्कार किया. हालांकि श्री सिंह ने श्रमिकों से काम पर लौटने का अनुरोध किया है.