नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल में फिलहाल, 26,000 नौकरी रद्द होने के मामलों में पात्र लोगों को राहत दी गई है. नई दायर अंतरिम याचिका की सुनवाई तक नौकरियां यथावत रहेंगी. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने यह स्पष्ट किया है. तृणमूल शासन के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते एसएससी की 26,000 नौकरियां रद्द कर दी गई थीं.
समय लगनेवाली प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि योग्य यानी बेदाग उम्मीदवारों को 31 अगस्त तक नौकरी मिलती रहेगी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि एसएससी को तब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी होगी. फिर राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ और भाजपा सरकार सत्ता में आई. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, वे पूरी भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करना चाहते हैं, जो समय लेने वाली प्रक्रिया है.
अंतरिम याचिका दायर
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में एक अंतरिम याचिका दायर की गई. इसमें अदालत से समय मांगा गया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक योग्य उम्मीदवार काम करते रह सकते हैं. इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ को होनी थी. हालांकि, बीमारी के कारण न्यायमूर्ति संजय कुमार सुनवाई नहीं कर सके. परिणामस्वरूप, मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने की.
सेवा अवधि बढ़ाने का अनुरोध
आवेदकों की ओर से वकील ने कहा-चूंकि भर्ती प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है, इसलिए योग्य उम्मीदवारों की सेवा अवधि बढ़ाने का अनुरोध करते हुए एक नई अंतरिम याचिका दायर की गई है. इसके बाद, मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने आज इस मामले में कोई नया आदेश पारित नहीं किया.
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नया आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं
न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची का आदेश है कि चूंकि एक नई अभियोग याचिका दायर की गई है, इसलिए पिछला आदेश 31 अगस्त तक या अभियोग याचिका की सुनवाई होने तक लागू रहेगा. अतः, कोई नया आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं है. विरोध प्रदर्शन कर रहे शिक्षक चिनमोय मंडल ने कहा- 31 अगस्त आ रहा है. मैं चिंतित हूं. मुख्य न्यायाधीश ने कहा है कि मामले की सुनवाई होने तक पूर्व आदेश लागू रहेगा.
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