हुगली में मां-बेटी को जिंदा जलाने की कोशिश की थी, 25 दोषी करार
बलागढ़ थाना क्षेत्र के आसनपुर गांव में 21 जनवरी 2017 को फैली बच्चा चोरी की अफवाह ने हिंसक रूप ले लिया था. इसी मामले में गुरुवार को चुंचुड़ा अदालत ने 25 आरोपियों को दोषी ठहराया.
By AKHILESH KUMAR SINGH | Updated at :
न्याय. बच्चा चोर होने के संदेह में किया गया था हमला
सजा का ऐलान आज
प्रतिनिधि, हुगलीबलागढ़ थाना क्षेत्र के आसनपुर गांव में 21 जनवरी 2017 को फैली बच्चा चोरी की अफवाह ने हिंसक रूप ले लिया था. इसी मामले में गुरुवार को चुंचुड़ा अदालत ने 25 आरोपियों को दोषी ठहराया. घटना के दिन कल्याणी विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर की पत्नी रंजुबाला घोष और उनकी बेटी अपर्णा घोष घरेलू सहायक की तलाश में गांव गयी थीं. उनके साथ मारुति कार के चालक विश्वनाथ मंडल भी थे. गांव में अपरिचित चेहरों को देखकर बच्चा चोरी की अफवाह फैल गयी. उग्र भीड़ ने उनकी कार को घेर लिया, मां-बेटी और चालक की पिटाई की तथा कार में आग लगा दी. सूचना मिलने पर बलागढ़ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची तो भीड़ ने पुलिस पर भी हमला कर दिया. 11 पुलिसकर्मी और सिविक वॉलंटियर घायल हुए. सिविक वॉलंटियर अखिल बंधु घोष तीर लगने से जख्मी हुए. घायलों का इलाज पहले बलागढ़ ब्लॉक अस्पताल में और गंभीर घायलों का इलाज कल्याणी अस्पताल तथा एसएसकेएम अस्पताल में कराया गया था. पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया था. जांच अधिकारी आलोक कुमार चट्टोपाध्याय थे. 9 जून 2017 को 25 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया, जिनमें 5 महिलाएं शामिल थीं. 20 अप्रैल 2021 को आरोप तय हुए. कुल 27 गवाहों ग्रामीणों, चिकित्सकों, पुलिसकर्मियों और पीड़ितों ने गवाही दी. गुरुवार को चुंचुड़ा अदालत की फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश पीयूष कांति राय ने सभी 25 आरोपियों को धारा 149, 333/149, 326/149, 307/149 और 435/149 के तहत दोषी ठहराया. सरकारी अधिवक्ता जयंत साहा और अतिरिक्त सरकारी वकील शंकर गांगुली ने इसे युगांतकारी मामला बताया. उन्होंने कहा कि उस समय बच्चा चोरी की अफवाहों से कई घटनाएं हुई थीं और आसनपुर कांड उनमें प्रमुख था. इन धाराओं में अधिकतम सजा आजीवन कारावास तक हो सकती है. एक ही मामले में एक साथ 25 लोगों को दोषी ठहराया गया. सजा का एलान शुक्रवार को किया जायेगा.