पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 95वीं जयंती पर राजभवन में उनका तैल्य चित्र का अनावरण
कोलकाता : राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने बुधवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 95वीं जयंती पर राजभवन में उनका तैल चित्र के अनावरण कार्यक्रम में राज्य सरकार के किसी वरिष्ठ प्रतिनिधि के नहीं आने से वह ‘आहत’ हैं. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के तैल चित्र के अनावरण का विचार 27 नवंबर को आया था और कार्यक्रम के लिए एक आमंत्रण पत्र उसी दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजा गया था.
राज्यपाल ने कहा, ‘मुख्यमंत्री शासन की प्रमुख हैं और मैंने नहीं कहा कि उन्हें ही (चित्र) अनावरण करना है. हो सकता है उनकी व्यस्तता रही हो और उनके प्रति मैं गहरा सम्मान रखता हूं. मेरी शिकायत यह नहीं है कि वह नहीं आयीं, लेकिन सरकार और नौकरशाही से प्रतिनिधियों के नहीं आने से आहत हुआ हूं.’ धनखड़ ने कहा कि संवैधानिक पद संभाल रहे लोगों के प्रति सम्मान होना चाहिए.
उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से बहुत परेशान करनेवाला रवैया है…लगता है राज्य से कोई प्रतिनिधित्व नहीं है…ऐसे व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए, जिसने लगन से देश की सेवा की है.’ राज्यपाल ने कहा कि वह वाजपेयी जी की तस्वीर के अनावरण के लिए देश में किसी से भी संपर्क कर सकते थे और आप (मीडिया) जानते हैं कि किसी को भी कहता तो वह खुश होता, क्योंकि यह सम्मान की बात होती.
धनखड़ ने कहा कि पश्चिम बंगाल के विधानसभा अध्यक्ष और मुख्य सचिव को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन राज्य सरकार से कोई नहीं आया. राज्यपाल के बयान पर प्रतिक्रिया के लिए पूछे जाने पर पश्चिम बंगाल के निकाय मामलों के और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हाकिम ने कहा, ‘उनके बयान को बहुत ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है.’
