महानगर में खुला आइवीएफ फर्टिलिटी हॉस्पिटल
कोलकाता : महिलाओं के जीवन में मां बनना सबसे बड़ा सुख माना जाता है, लेकिन आज की आधुनिक जीवनशैली और अन्य कारणों की वजह से अब महिलाओं में बांझपन यानी इनफर्टिलिटी की समस्या बढ़ रही है. बांझपन वह स्थिति है, जिसमें महिलाएं गर्भधारण नहीं कर पाती हैं. अगर कोई महिला प्रयास करने के बाद भी […]
कोलकाता : महिलाओं के जीवन में मां बनना सबसे बड़ा सुख माना जाता है, लेकिन आज की आधुनिक जीवनशैली और अन्य कारणों की वजह से अब महिलाओं में बांझपन यानी इनफर्टिलिटी की समस्या बढ़ रही है. बांझपन वह स्थिति है, जिसमें महिलाएं गर्भधारण नहीं कर पाती हैं. अगर कोई महिला प्रयास करने के बाद भी 12 महीने से अधिक समय तक गर्भधारण नहीं कर पाती है तो इसका मतलब है कि वह महिला बांझपन का शिकार है.
गौरतलब है कि गर्भधारण न हो पाने का कारण पुरुष बांझपन भी हो सकता है. अब इस समस्या से जूझनेवाले जोड़ों को घबड़ाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि महानगर के अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों से लैस नोवा आइवीएफ फर्टिलिटी हॉस्पिटल खोला गया है, जहां फर्टिलिटी से संबंधित सभी प्रकार के बीमारियों का इलाज किया जायेगा. यह जानकारी नोवा आइवीएफ फर्टिलिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीइओ) अरिंदम चक्रवर्ती ने दी.
उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में 24 से 35 उम्र के जोड़ों में बांझपन की समस्याएं अधिक देखी जा रही हैं. आम तौर पर उक्त उम्र के लोगों को 25 से 28 फीसदी बांझपन के मामले देखे जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि पूर्वी भारत के लोगों को ध्यान में रखते हुए कोलाकाता में नोवा आइवीएफ फर्टिलिटी को खोला गया है.
वर्तमान में पटना, रांची, सिलीगुड़ी में नोवा हॉस्पिटल है. अगले छह महीने में रायपुर, गुवाहाटी व भुवनेश्वर में सेंटर चालू किये जाने की योजाना है. इसके अलावा कोलाकाता में तीन एवं बांग्लादेश की राजधानी ढाका में नोवा हॉस्पिटल है. सीइओ ने कहा कि महानगर में सभी मरीजों के लिए एक तरह का ही विशेष पैकेज तैयार किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इलाज करवाने का अवसर मिले.