डेंगू रोकने के लिए थ्री डी नक्शे की ली जायेगी मदद

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने राष्ट्रीय एटलस व थिमैटिक मानचित्रण संगठन (एनएटीएमओ) से ऐसे इलाकों का थ्री डी नक्शा तैयार करने में मदद मांगी है, जहां पर डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी हुई है. स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को इस बारे में बताया. स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक जनवरी […]

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने राष्ट्रीय एटलस व थिमैटिक मानचित्रण संगठन (एनएटीएमओ) से ऐसे इलाकों का थ्री डी नक्शा तैयार करने में मदद मांगी है, जहां पर डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी हुई है. स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को इस बारे में बताया. स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक जनवरी से डेंगू के कारण 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी और 2000 से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए.

अधिकारी ने बताया कि कई खाली भूखंड, इमारतें और सुनसान स्थान हैं, जहां बारिश के दिनों में जलजमाव होता है और निगम कर्मचारियों को इस बारे में पता ही नहीं चल पाता है. कोलकाता मुख्यालयवाले एनएटीएमओ द्वारा थ्री डी नक्शा तैयार किये जाने पर पता चलेगा कि कौन से वे इलाके हैं, जहां पर जलजमाव की वजह से मच्छरों का लार्वा पनपता है.
स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बारिश के दिनों में जलजमाव होने के कारण ये मच्छरों के पनपने का स्थान बन जाते हैं. बीमारी पर नियंत्रण के अपने प्रयासों के तहत पिछले साल से हम संवेदनशील इलाके में ड्रोन उड़ाकर जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं, लेकिन ड्रोन से ली गयी तस्वीरें ही काफी नहीं हैं. हमें बेहतर योजना की जरूरत है. यही कारण है कि हमने थ्री डी नक्शा तैयार कराने का फैसला किया है.
एनएटीएमओ की निदेशक ताप्ती बनर्जी ने बताया कि संगठन ने नक्शा तैयार करना शुरू कर दिया है. फिलहाल इसे प्रायोगिक आधार पर तैयार किया जा रहा है. ताप्ती बनर्जी ने बताया कि केवल कोलकाता ही नहीं एनएटीएमओ के विशेषज्ञ नक्शा तैयार करने के पहले उत्तर और दक्षिण 24 परगना और हुगली जिलों को भी इसमें शामिल करेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >