विहिप की दुर्गापूजा पर जबरन कब्जे की कोशिश में तृणमूल कांग्रेस

कोलकाता : इस बार दुर्गापूजा में भाजपा के बढ़ते कदम को रोकने के लिए तृणमूल कांग्रेस हर तरह का हथकंडा अपना रही है. इसका ताजा प्रमाण है रंगकल स्थित 94 पल्ली सार्वजनीन दुर्गोत्सवय कमेटी की पूजा को लेकर खींचतान है. यहां 17 सालों से स्थानीय लोगों के सहयोग से दुर्गापूजा का आयोजन हो रहा है. […]

कोलकाता : इस बार दुर्गापूजा में भाजपा के बढ़ते कदम को रोकने के लिए तृणमूल कांग्रेस हर तरह का हथकंडा अपना रही है. इसका ताजा प्रमाण है रंगकल स्थित 94 पल्ली सार्वजनीन दुर्गोत्सवय कमेटी की पूजा को लेकर खींचतान है. यहां 17 सालों से स्थानीय लोगों के सहयोग से दुर्गापूजा का आयोजन हो रहा है.

कई सालों से इस पूजा का आयोजन भाजपा समर्थक करते आ रहे हैं. पिछली बार इस पूजा का उद्घाटन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने किया था. इस बार पूजा मंडप का उदघाटन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के हाथो‍ं करवाने की योजना बनायी जा रही थी. आरोप है कि इसकी जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पार्षद रतन दे आयोजकों पर तरह-तरह से दबाव दे रहे हैं.
पूजा कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय हालदार ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस की ओर से दबाव बनाने के लिए पहले लालच दिया गया कि वह लोग पूजा का सारा खर्च उठायेंगे. पूजा कमेटी द्वारा तृणमूल कांग्रेस का यह प्रस्ताव खारिज कर दिया गया तो वह लोग अब पुलिस की मदद से उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमों में फंसा रहे हैं.
हर तरह क हथकंड़ों को दूर करते हुए जब वह लोग पूजा की तैयारी में जुटे और मंडप का निर्माण करना शुरू किये तो पार्षद के समर्थकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया. मामले को लेकर उन्होंने पुलिस से शिकायत की. इस मुद्दे पर जब पार्षद रतन दे से मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उन्होंने यह कहते हुए फोन काट दिया कि वह इस मुद्दे पर कोई बात नहीं करना चाहते हैं.
वह इसमें शामिल नहीं हैं. हालांकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि भाजपा का बढ़ता जनाधार तृणमूल कांग्रेस के गले की हड्डी बन गयी है. तृणमूल कांग्रेस जितना इस तरह का प्रयास करेगी भाजपा उतना ही बढ़ेगी. रंगकल में भाजपा समर्थक दुर्गापूजा का आयोजन करते आ रहे हैं इस बार भी करेंगे और वह इस पूजा के उद्घाटन में शामिल होंगे.
अगर इस पूजा को रोकने की कोशिश की गयी तो इसका गंभीर नतीजा होगा, जिसका जवाब तृणमूल कांग्रेस को देना होगा, क्योंकि स्थानीय लोग तृणमूल कांग्रेस की दादागीरी बर्दास्त करने के मूड में नहीं है. इस पूजा के आयोजन को लेकर रविवार शाम को जादवपुर इलाके के प्रिंस अनवर शाह रोड स्थित लॉर्डस मोड़ के पास रंगकल में तृणमूल व भाजपा के समर्थक आपस में भिड़ गये. काफी कोशिश के बाद स्थिति सामान्य की गयी.
भाजपा समर्थकों का आरोप है कि दो वर्षों से यह पूजा काफी छोटे स्तर पर की जा रही थी. कई बार आसपास के तृणमूल नेताओं व इलाके में तृणमूल समर्थकों को मिल कर इस आयोजन को बड़ा स्तर में किये जाने का आवेदन किया गया, लेकिन वे सामने नहीं आये. रविवार को जब वे पूजा स्थल में बांस रखवा रहे थे, उसी समय तृणमूल कांग्रेस की तरफ से भी पूजा आयोजन की बात कहते हुए बांस रखवायी गयी.
वहीं तृणमूल समर्थकों का आरोप है कि इलाके के इस आयोजन में वे कोई राजनीतिक रंग नहीं चढ़ने देंगे. वे चाहते हैं कि इलाके की यह पूजा बिना किसी राजनीति रंग के हो. दोनों पक्ष की तरफ से इस घटना को लेकर एक दूसरे के खिलाफ जादवपुर थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है.

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