एलपीजी कीमतों के मुद्दे को सड़क तक ले जाएगी तृणमूल, ममता बनर्जी ने महिला इकाई को दिया आंदोलन का जिम्मा

LPG Price Hike: घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गयी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस की महिला इकाई को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एलपीजी की कीमतों के खिलाफ सड़कों पर उतरने के निर्देश दिये. दीदी ने केंद्र सरकार पर बिना तैयारी के कीमतें बढ़ाने और आम लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया.

LPG Price Hike: घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी की महिला शाखा से कहा है कि वे एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ राज्यभर में सड़कों पर उतरें और प्रदर्शन करें.

शनिवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम हटाये जाने के विरोध में चल रहे अपने धरने के दूसरे दिन ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महिला कार्यकर्ताओं से यह आह्वान किया.

महिला दिवस पर विरोध प्रदर्शन

वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने कहा कि 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की महिला इकाई राज्यभर में रैलियां और प्रदर्शन करेगी. उन्होंने राज्य मंत्री और महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य से इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने को कहा.

कल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है. मैं चंद्रिमा (राज्य मंत्री और तृणमूल की महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य) से आग्रह करती हूं कि वे महिलाओं से एलपीजी की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ रैलियां आयोजित करने को कहें. जरूरत पड़ने पर काले कपड़े पहनें. हम लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करेंगे. कल उन्होंने एलपीजी की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की. फिर उन्होंने गैस बुकिंग के लिए 21 दिन की ‘लॉक-इन’ समयसीमा लागू कर दी. लोगों का सिलेंडर खत्म हो जाये, तो वे क्या करेंगे?

ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

ममता बनर्जी ने महिलाओं से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की. कहा कि जरूरत पड़ने पर महिलाएं काले कपड़े पहनकर भी विरोध जता सकती हैं.

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LPG Price बढ़ाने पर केंद्र पर साधा निशाना

ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए और वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत में 114.5 रुपए की वृद्धि की है. ममता बनर्जी ने कहा कि गैस बुकिंग के लिए 21 दिन की लॉक-इन पीरियड लागू करने से भी उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है. उन्होंने पूछा किया कि अगर किसी परिवार का सिलेंडर जल्दी खत्म हो जाये, तो वे क्या करेंगे.

केरोसिन कोटा घटाने पर भी उठाया सवाल

बंगाल की मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने केरोसिन का कोटा भी कम कर दिया है. उन्होंने कहा कि ऊर्जा से जुड़ी आवश्यकताओं को लेकर पहले से योजना बनानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.

मतदाता सूची का मुद्दा भी बनेगा आंदोलन का हिस्सा

ममता बनर्जी ने कहा कि महिला दिवस पर होने वाला विरोध प्रदर्शन केवल एलपीजी कीमतों तक सीमित नहीं रहेगा. इसमें मतदाता सूची के SIR के दौरान हजारों महिलाओं के नाम हटाये जाने का मुद्दा भी उठाया जायेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कई विवाहित महिलाओं के नाम केवल इसलिए सूची से हटा दिये गये, क्योंकि शादी के बाद उनके उपनाम बदल गये.

राजनीतिक संदेश के साथ आंदोलन

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस एलपीजी की बढ़ती कीमतों और मतदाता सूची के मुद्दे को जनता से जुड़े सवालों के रूप में सामने लाकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रही है. महिला दिवस पर होने वाला प्रदर्शन राज्य की राजनीति में नया राजनीतिक संदेश भी दे सकता है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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