19 से बेमियादी ट्रक हड़ताल की चेतावनी

कोलकाता : डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने, एक्सल लोड बढ़ाने के नियम को बंगाल में लागू करने व ट्रकों में ओवरलोडिंग के खिलाफ ट्रक मालिकों ने 19 अगस्त से बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी है. बुधवार को फेडरेशन ऑफ वेस्ट बंगाल ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन की ओर से भारत सभा हॉल में राज्य के […]

कोलकाता : डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने, एक्सल लोड बढ़ाने के नियम को बंगाल में लागू करने व ट्रकों में ओवरलोडिंग के खिलाफ ट्रक मालिकों ने 19 अगस्त से बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी है. बुधवार को फेडरेशन ऑफ वेस्ट बंगाल ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन की ओर से भारत सभा हॉल में राज्य के विभिन्न जिलों के ट्रक एसोसिएशन को लेकर बैठक बुलायी गयी थी.

इस बैठक में सभी यूनियनों ने भी हड़ताल का समर्थन किया. इस संबंध में एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंदर सिंह गिल ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार, दोनों की नीतियों के कारण ट्रक मालिकों का कारोबार अब खत्म होने के कगार पर है.
ऐसे में हमारे पास अब हड़ताल के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है. डीजल की बढ़ती कीमत हमारे कारोबार को बुरी तरह प्रभावित कर रही है. वहीं, राज्य में एक्सेल लोड नियम लागू नहीं होने व ओवरलोडिंग की समस्या बरकरार रहने से हमारा व्यवसाय बंद होने के कगार पर है.
इस मौके पर एसोसिएशन के महासचिव सुभाष चंद्र बोस ने केंद्र सरकार से थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के नियम को वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि 2008 से वाहनों पर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के दावे 68 प्रतिशत तक बढ़े हैं, जिससे ट्रक मालिक प्रभावित हो रहे हैं.
इसलिए हम थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की वापसी या इसमें न्यूनतन कमी चाहते हैं. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने दो एक्सल ट्रक (सामने की धुरी में दो पहियों व पीछे के चार पहियों) का वजन मौजूदा 16.2 टन से बढ़ाकर 18.5 टन कर दिया गया है.
जिससे लोड ले जाने की क्षमता में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इसी प्रकार तीन एक्सल ट्रक के लिए वजन 25 टन से बढ़ा कर 28.5 टन, पांच एक्सल ट्रक के लिए वजन 37 टन से बढ़ा कर 43.5 टन कर दिया गया है लेकिन बंगाल सरकार ने इस नियम को अब तक लागू नहीं किया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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