ममता की तुष्टीकरण नीति का समाज पर प्रतिकूल असर - केशरीनाथ त्रिपाठी

कोलकाता : निवर्तमान राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुष्टीकरण नीति सामाजिक सद्भाव पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है. साथ ही उन्हाेंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में बहुत सुधार की जरूरत है. यहां की […]

कोलकाता : निवर्तमान राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुष्टीकरण नीति सामाजिक सद्भाव पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है. साथ ही उन्हाेंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में बहुत सुधार की जरूरत है. यहां की कानून-व्यवस्था को बेहतर करना होगा.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास अपने फैसलों को लागू करने का विजन और शक्ति है, लेकिन उनकी तुष्टिकरण की नीति राज्य के सामाजिक सद्भाव पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है. उन्होंने कहा कि ममता को हर नागरिक को बिना भेदभाव के समान रूप से देखना चाहिए. श्री त्रिपाठी ने ममता को उनकी भावनाओं पर नियंत्रण रखने और संयमित रहने की सलाह दी.
निवर्तमान राज्यपाल ने कहा कि ममता बनर्जी के पास विजन है और उनके पास अपने फैसलों को लागू कराने की क्षमता है, लेकिन उन्हें संयमित रहने की भी जरूरत है. वे कई मौकों पर भावुक हो जाती हैं, जिसे उन्हें नियंत्रित करने की जरूरत है. श्री त्रिपाठी ने संवाद एजेंसी पीटीआइ के साथ एक साक्षात्कार में कहा: 30 जुलाई को जगदीप धनखड़ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे. उनकी (बनर्जी की) तुष्टिकरण की नीति से सामाजिक सौहार्द्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है.
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि उन्हें हर नागरिक को समान रूप से देखना चाहिए. मेरा मानना है कि पश्चिम बंगाल के प्रत्येक नागरिक के साथ बिना भेदभाव के समान व्यवहार करना चाहिए. यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें पश्चिम बंगाल में भेदभाव दिखता है, इस पर 85 वर्षीय श्री त्रिपाठी ने कहा, ‘भेदभाव स्पष्ट रूप से दिखता है. ममता के बयान भेदभाव को साफ दर्शाते हैं.

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