पश्चिम बंगाल: पुजारी का चोला ओढ़ कर डकैती की बनायी थी योजना, पुलिस ने दबोचा
-बड़ाबाजार इलाके में हुई डकैती मामले में राजस्थान से एक गिरफ्तार कोलकाता : बड़ाबाजार के ज्यादातर व्यवसायी व लोग दीनदयाल शर्मा उर्फ दीनू पंडित (24) को पुजारी के रूप में ही जानते थे. कई दुकानों में वह नियमित रूप से पूजापाठ भी करता था. लेकिन शायद ही लोगों ने कल्पना की होगी कि पुजारी का […]
-बड़ाबाजार इलाके में हुई डकैती मामले में राजस्थान से एक गिरफ्तार
कोलकाता : बड़ाबाजार के ज्यादातर व्यवसायी व लोग दीनदयाल शर्मा उर्फ दीनू पंडित (24) को पुजारी के रूप में ही जानते थे. कई दुकानों में वह नियमित रूप से पूजापाठ भी करता था. लेकिन शायद ही लोगों ने कल्पना की होगी कि पुजारी का चोला ओढ़ उसने डकैती की पूरी योजना तैयार कर वारदात को अंजाम दिलवाया होगा. यह बात तब सामने आयी, जब बड़ाबाजार इलाके में हुई डकैती के आरोप में कोलकाता पुलिस की गुप्तचर शाखा ने दीनदयाल को राजस्थान के बीकानेर से गिरफ्तार किया. उसे गिरफ्तार कर कोलकाता लाया गया है. अदालत में पेश करने पर उसे 12 जुलाई तक पुलिस हिरासत में रखे जाने का निर्देश दिया गया है.
क्या है मामला : कोलकाता पुलिस के संयुक्त आयुक्त (अपराध) प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि गत वर्ष अप्रैल में जोड़ाबागान थाना अंतर्गत केके टैगोर स्ट्रीट स्थित एक व्यवसायी की दुकान में डकैती हुई थी. व्यवसायी के एक कर्मचारी के हाथ-पैर बांधकर डकैतों ने करीब 14 लाख रुपये लूट लिये. इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग की जांच करने पर पुलिस को कई अहम तथ्य मिले. डकैती की घटना के एक दिन पहले डकैतों द्वारा दुकान के पास मुआयना करने और घटनावाले दिन दुकान के पास एकत्रित होना, कैमरे में कैद हो गया था. तीन आरोपियों की तस्वीरें साफ दिख रही थीं. आरोपियों को पकड़ने के लिण् बड़ाबाजार के विभिन्न इलाकों में उनकी तस्वीरें भी लगायी गयीं थी.
इधर, जांच में पुलिस को दीनदयाल के नाम का पता चला. घटना के बाद वह इलाके में नजर नहीं आ रहा था. खोजबीन के बात पता चला कि वह हिंदमोटर के जनता रोड स्थित एक मकान में रहता है. उसके ठिकाने पर जाने पर पुलिस को वह वहां भी नहीं मिला. बाद में पता चला कि वह मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर का रहनेवाला है. पुलिस की एक टीम बीकानेर रवाना हो गयी और 29 जून को उसे बीकानेर स्थित एक शॉपिंग मॉल से उसे दबोच लिया गया.
मिले थे छह लाख रुपये : दीनदयाल पर आरोप है कि डकैती के लिए उसने राजस्थान व हरियाणा से अपने कुछ साथियों को हिंदमोटर बुलाया था. आरोपी ने डकैती की योजना तैयार करने के साथ ही दुकान से संबंधित सारी जानकारी अपने साथियों को उपलब्ध करायी. हालांकि वारदात के समय वह मौजूद नहीं था. आरोप के अनुसार दीनदयाल को डकैती के हिस्से के रूप में छह लाख रुपये मिले थे. जांच में मिले कुछ तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आशंका जतायी है कि पहले भी उसने कुछ जगहों पर डकैती करवायी है. फिलहाल पूछताछ में उसके पांच साथियों के नाम का पता चला है. उनकी तलाश जारी है.