कोलकाता :किसी समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी के लिए चुनावी रणनीति तैयार करेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो प्रशांत किशोर ने आज ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की है. दोनों के बीच दो घंटे तक बातचीत हुई है.
लोकसभा चुनाव में भाजपा से मिली करारी हार के बाद पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं और तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव की नईया पार लगाने के लिए राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ समझौता किया है. पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने प्रशांत किशोर की कंपनी के साथ दो वर्षों के लिए समझौता किया है.
गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ प्रशांत किशोर राज्य सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ लगभग एक घंटा 40 मिनट तक बैठक की. बैठक में तृणमूल कांग्रेस ने प्रशांत किशोर की कंपनी को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक रणनीति बनाने का जिम्मा सौंपा.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रशांत किशोर की कंपनी शुक्रवार से ही यहां काम करना शुरू कर देगी. सबसे पहले लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली हार की समीक्षा की जायेगी और उसके बाद वह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस की रणनीति तैयार करेंगे. वह अपनी चुनावी रणनीति पर काम करने वाले संस्था इंडियन पॉलीटिकल एक्शन कमिटी के जरिए ममता बनर्जी के लिए चुनावी रणनीति बनाने का काम करेंगे.
मालूम हो कि प्रशांत किशोर वर्त्तमान में जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं. सूत्रों के मुताबिक आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी को विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जबरदस्त जीत दिलाने के पीछे प्रशांत किशोर का ही दिमाग था. पंजाब विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए भी प्रशांत ने काम किया था. जहां अभी कैप्टन की सरकार है.
2019 लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को करारा झटका लगा है. पिछले लोकसभा चुनाव में दो सीट जीतने वाली भाजपा ने इस बार के लोकसभा चुनाव में जबरदस्त वापसी करते हुए 18 सीटों पर कब्जा जमाया. ये सीटें कभी ममता के खाते में रही थीं. 2021 में बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. पूर्ण बहुमत वाली तृणमूल को आने वाले विधानसभा चुनाव में भी हार का डर सता रहा है. ऐसे में वह प्रशांत को चुनाव प्रचार की पूरी जिम्मेवारी सौंपना चाहती है.
