कोलकाता : वित्त मंत्री अमित मित्रा ने पेश किया राज्य बजट, 2018-19 में 9 लाख रोजगार का हुआ सृजन, 2.37 लाख करोड़ के बजट में कृषि, सामाजिक सुरक्षा पर जोर

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने सोमवार को कहा कि राज्य में वित्त वर्ष 2018-19 में करीब नौ लाख रोजगार पैदा हुए हैं. बजट में नौ करोड़ रुपये के घाटे को दिखाया गया है. श्री मित्रा ने राज्य का 2019- 20 का 2.37 लाख करोड़ रुपये के व्यय का बजट पेश […]

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने सोमवार को कहा कि राज्य में वित्त वर्ष 2018-19 में करीब नौ लाख रोजगार पैदा हुए हैं. बजट में नौ करोड़ रुपये के घाटे को दिखाया गया है. श्री मित्रा ने राज्य का 2019- 20 का 2.37 लाख करोड़ रुपये के व्यय का बजट पेश करते हुए कहा कि जल्दबाजी और अनुचित तरीके से जीएसटी लागू किये जाने तथा नोटबंदी के झटके को देश अभी भी झेल रहा है.

श्री मित्रा ने कहा : इसके बावजूद राज्य अब तक 9.05 लाख रोजगार पैदा करने में कामयाब रहा है.बजट में कृषि, सामाजिक सुरक्षा, मूलभूत सुविधा का विकास, शिक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया है. बजट के दौरान विधानसभा से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अनुपस्थित थीं. वह धर्मतल्ला में धरना मंच पर बैठी थीं.

मेट्रो चैनल स्थित मंच के पास ही कैबिनेट की बैठक में बजट को मंजूरी दी गयी. विरोधी दलों ने मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति पर विधानसभा में जमकर हंगामा और शोरगुल किया और वित्त मंत्री को बजट पाठ करने में व्यवधान पैदा किया, हालांकि वित्त मंत्री हंगामे के बीच लगभग 37 मिनट में बजट पाठ पूरा किया.

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में कुल 2,37,964 करोड़ का आवंटन किया गया है. पिछले वर्ष यह 2,14,959 करोड़ था. बजट आवंटन में 10.70 फीसदी की वृद्धि की गयी. राज्य विकास योजना में पिछले वर्ष के 80,166 करोड़ रुपये में 13.25 फीसदी की वृद्धि के साथ 89,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. कृषि विकास पर बजट का मुख्य फोकस है.

2018-19 में कृषि मद में 2,767 करोड़ रुपये की तुलना में 2019-20 में 6,086 करोड़ रुपये आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है. इसमें 120 फीसदी की वृद्धि हुई है. वित्त वर्ष 2018-19 में कृषक बंधु योजना के लिए 4000 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. इस वर्ष भी बजट में 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है. श्री मित्रा ने कहा कि कुल 7000 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं तथा जरूरत के अनुसार कृषक बंधु योजना में और भी राशि आवंटित की जायेगी.

सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में पिछले वर्ष 38,000 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. इस वर्ष इसमें 8.24 फीसदी वृद्धि के साथ 41,131 करोड़ रुपये आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है. कृषि व संबंधित क्षेत्रों के लिए पिछले वर्ष 24,199 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. इसमें 13.25 फीसदी वृद्धि के साथ इस वर्ष 27,406 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है. मूलभूत सुविधाओं के विकास में पिछले वर्ष 7,760 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. इस वर्ष इसमें 13.48 फीसदी वृद्धि के साथ 8,806 करोड़ रुपये आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है.

विद्यालय शिक्षा में आवंटन पिछले वर्ष के 24,722 करोड़ रुपये से बढ़ कर 27,540 करोड़ रुपये हो गये हैं. इसमें 11.40 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गयी है. स्वास्थ्य क्षेत्र में आवंटित राशि 8,770 करोड़ रुपये से बढ़ कर इस वर्ष 9,556 करोड़ रुपये हो गयी है. इसमें 11 फीसदी का इजाफा हुआ है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट के माध्यम से कृषक, गरीब, छोटे व मध्यम वर्ग के कारोबारियों के विकास तथा राज्य के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया है. पूंजीगत खर्च में भी इजाफा हुआ है. 2018-19 में 25,756 करोड़ रुपये से बढ़ कर इस वर्ष 26,667 करोड़ रुपये हो गया है.

सर्वोत्तम स्तर पर पहुंच जायेगा राज्य का जीडीपी

मंत्री ने कहा कि राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) चालू वित्त वर्ष में 11,55,000 करोड़ रुपये पहुंच जायेगा और देश में इस मामले में पहले पायदान पर आ जायेगा.उन्होंने आरोप लगाया कि देश के हर संस्थान सीबीआइ, प्रवर्तन निदेशालय, आरबीआइ, राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग, उच्चतम न्यायालय के साथ-साथ स्वतंत्र प्रेस को खतरा है.

राजस्व घाटा घटकर हुआ 0.96 फीसदी

श्री मित्रा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस जब सत्ता में आयी थी. 2010-11 में राजस्व घाटा 3.75 फीसदी था, जो अब घटकर 0.96 फीसदी हो गया है. 2016-17 में 16,085 करोड़ रुपये, 2017-18 में 9806 करोड़ तथा 2018-19 में 7524 करोड़ रुपये राजस्व घाटा हो गया है. यह धीरे-धीरे घट रहा है. जबकि वित्तीय घाटा 2010-11 में 4.24 फीसदी था. अब घट कर 2.83 फीसदी हो गया है.उन्होंने कहा कि जहां देश की औद्योगिक वृद्धि 2017-18 में 5.54 प्रतिशत रही वहीं पश्चिम बंगाल की औद्योगिक वृद्धि दर 16.29 प्रतिशत रही.

बजट में बकाये डीए भुगतान का प्रस्ताव नहीं

बजट में सरकारी कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ता (डीए) भुगतान का कोई प्रस्ताव नहीं है. श्री मित्रा ने कहा कि जब तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आयी थी. उस समय सरकारी कर्मचारियों को 35 फीसदी डीए मिलता था. उनकी सरकार ने सात सालों में 90 फीसदी डीए दी है. फिलहाल कुल 125 फीसदी डीए मिल रहा है तथा वेतन आयोग में कर्मचारियों के वेतन वृद्धि को लेकर सक्रियता से बातचीत चल रही है.

प्रति वर्ष 56,183 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान करेगी सरकार:श्री मित्रा ने कहा कि पूर्व वाम मोर्चा सरकार ने काफी ऋण लिये थे. उनमें से कई बांड पिछले वर्ष और अगले वित्त वर्ष में मैच्यौर होगी. 2018-19 में ऋण के बाबत राज्य सरकार ने 49,656 करोड़ रुपये का ब्याज भुगतान किया था, जबकि वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान 56,183 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान करना होगा.

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