कोलकाता : एमपीएस कंपनी के बाजार से अवैध तरीके से 2600 करोड़ रुपये की उगाही करने व सारे रुपये गबन करने के मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की टीम ने इस मामले की पहली चार्जशीट मंगलवार को सिटी सेशन कोर्ट स्थित इडी के स्पेशल कोर्ट में पेश की.
अदालत सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में कंपनी के चार निदेशकों को आरोपी बताया गया है, जिसमें कंपनी के प्रमुख निदेशक प्रमथ नाथ मन्ना को मुख्य आरोपी बताया गया है.
इडी सूत्रों के मुताबिक विभिन्न लुभावनी योजनाओं के जरिये बाजार से इस कंपनी ने अपनी सहयोगी कंपनी के नाम पर लोगों से कुल 2600 करोड़ रुपये वसूले. इडी का आरोप है कि ये रुपये अवैध रूप से लिये गये थे. शुरुआत से ही कंपनी का उद्देश्य लोगों से रुपये लेकर वापस नहीं करना था.
इसी के कारण लुभावने प्रलोभन देकर रुपये उगाहे गये थे. इडी अधिकारियों ने अदालत में बताया कि उनकी जांच पूरी नहीं हुई उनकी जांच कुछ दिनों तक चलेगी, लिहाजा जांच के बाद भविष्य में सप्लीमेंटरी चार्जशीट अदालत में पेश की जायेगी. अदालत ने सुनवाई के दौरान मौजूदा समय में दमदम जेल में बंद प्रमथ नाथ मन्ना को इस मामले की अगली तारीख 15 जनवरी को अदालत में सशरीर हाजिर करने का निर्देश दिया है.
