कोलकाता : राज्य परिवहन विभाग व पर्यावरण विभाग ने पर्यावरण प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए जनवरी माह से महानगर में 80 इलेक्ट्रिक बस चलाने की घोषणा की है. राज्य के परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में कहा कि फिलहाल दुर्गापुर व आसनसोल में 20 सीएनसी बसें चलायी जा रही हैं.शीघ्र ही 20 और बसें चलनी शुरू हो जायेगी तथा जल्द ही 20 और सीएनजी बसें कोलकाता में चलेंगी.
महानगर में 50 ई-वाहन भी चलेंगे. इसके बाद निजी कंपनियों की मदद से 25 चार्जिंग स्टेशन खोलें जायेंगे. उन्होंने स्वीकार किया कि हाल में दीपावली के दौरान कोलकाता में वायु प्रदूषण दिल्ली से अधिक हो गया था. पर्यावरण विभाग व परिवहन विभाग इस बाबत लगातार कदम उठा रहा है तथा जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे भी इस बाबत जागरुकता पैदा करें.
उन्होंने कहा कि राज्य में गेल पाइप नहीं रहने के कारण सीएनजी भरने में असुविधा थी, लेकिन वित्त मंत्री की मदद से अब टैंकर से सीएनजी उपलब्ध कराये जायेंगे.
पर्यावरण प्रदूषण पर निगरानी के लिए बनेंगे 78 निगरानी स्टेशन
श्री अधिकारी ने कहा कि नदिया, हावड़ा, दुर्गापुर व शिल्पांचल में पर्यावरण प्रदूषण पर निगरानी के लिए 78 निगरानी स्टेशन बनाये जा रहे हैं.इसके साथ ही नदी प्रदूषण पर निगरानी के लिए 105 निगरानी स्टेशन बनाये गये हैं. उन्होंने कहा कि कारखानों को ऑनलाइन प्रदूषण मुक्त प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था की गयी है.
आसनसोल व सिलीगुड़ी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शाखा खोली जा रही है तथा शीघ्र ही लोक सेवा आयोग के माध्यम से 50 प्रदूषण नियंत्रण के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की जायेगी. स्कूलों में सौर उर्जा के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है.
1186 नये बस रूट हुए हैं शुरू
श्री अधिकारी ने कहा कि 30 सितंबर, 2011 से अक्तूबर 2018तक कुल 1186 बस रूट शुरू किये गये हैं तथा 846 नये बस चालू किये गये हैं. इसमें सरकार के 221.70 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.
न्यूटाउन-राजारहाट में ट्राम चलाने पर विचार : शुभेंदु
कोलकाता. राज्य के परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार न्यूटाउन-राजारहाट में ट्राम चलाने पर विचार कर रही है. इस बाबत परिवहन विभाग में कई प्रस्ताव जमा पड़े हैं. राज्य सरकार उन प्रस्तावों पर विचार कर रही है. इसके साथ ही जनवरी में महानगर में कई नये बस चलाये जायेंगे.
जिलों में 15 वर्ष पुरानी गाड़ियों पर लगेगी रोक
श्री अधिकारी ने कहा कि महानगर में 15 वर्ष पुरानी गाड़ियां नहीं चल रही है. राज्य सरकार जिलों में भी 15 वर्ष पुरानी गाड़ियों के चलने पर रोक लगाने पर विचार कर रही है,क्योंकि जिले से महानगर में अाने वाली इन गाड़ियों से कुछ न कुछ प्रदूषण बढ़ता है. इसके साथ ही हल्दिया, सिलीगुड़ी, आसनसोल व कोलकाता में चार प्रदूषण निगरानी केंद्र खोले जायेंगे.
