कोलकाता : देश की आर्थिक व सामाजिक व्यवस्था दिनों-दिन बिगड़ती जा रही है. इसलिए देश को बचाने के लिए विरोधी पार्टियों का एकजुट होना जरूरी है. लोकसभा चुनाव के पहले विरोधी पार्टियों को एकजुट करने की मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू सोमवार को कोलकाता पहुंचे और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बैठक की.
राज्य सचिवालय नवान्न भवन में तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के बीच लगभग सवा घंटे तक चली बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल के दौरान देश की आर्थिक व सामाजिक अवस्था की हालत काफी खस्ता हो गयी है. भाजपा हर क्षेत्र में विफल रही है.
चाहे देश की अर्थ-व्यवस्था कहें या गणतांत्रिक या सामाजिक व्यवस्था. एक ओर रुपये की कीमत कम होती जा रही है, तो दूसरी ओर देश में असहिष्णुता का माहौल बढ़ता जा रहा है. भाजपा के कार्यकाल के दौरान देश में असहिष्णुता का माहौल पैदा हो गया है. समाज के कुछ विशेष वर्ग के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. एक तरह से देखा जाये तो गणतंत्र के लिए भाजपा खतरनाक है और ऐसे में देश को बचाने के लिए विरोधी पार्टियों को एक होना होगा.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी रणनीति तैयार करने के लिए विरोधी पार्टियों के नेताओं के बीच बहुत जल्द बैठक होगी. संसद में शीतकालीन सत्र के पहले ही यह बैठक होगी और उस बैठक में ही आगामी रणनीति तैयार की जायेगी.
हम साथ-साथ हैं : ममता
बैठक के बाद सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ हम साथ-साथ हैं. केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ सभी विरोधी पार्टियां एकजुट हैं और रहेंगी. हम मिल कर केंद्र के खिलाफ काम कर रहे हैं. देश को बचाने के लिए हमें एक होना होगा.
उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ विरोधी पार्टियों की एकजुटता बरकरार रखने व भविष्य की रणनीति तैयार करने के लिए यह बैठक हुई है. आगामी दिनों में अन्य पार्टियों को लेकर एक-साथ बैठक होगी, जिसमें भविष्य की रूपरेखा तैयार की जायेगी.
केंद्रीय जांच एजेंिसयों के अधिकारों का हो रहा हनन : नायडू
श्री नायडू ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार ने संवैधानिक केंद्रीय एजेंसियों के अधिकार का हनन कर रही है. सीबीआइ, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय या सीएजी जैसी एजेंसियाें का प्रयोग विरोधी पार्टियों को डराने धमकाने के लिए कर रही हैं. देश की अर्थव्यवस्था की बात कहें, तो महंगाई लगातार बढ़ रही है. रुपये की कीमत में लगातार गिरावट देखने को मिल रहा है और यह सिर्फ केंद्र सरकार की गलत नीतियों व आर्थिक सुधारों का नतीजा है.
