कोलकाता : कलकत्ता हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर न्यायाधीश देवाशीष करगुप्त ने मंगलवार को शपथ ली. उन्हें राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने शपथ दिलायी. शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जनहित मामलों का दुरुपयोग किया जा रहा है. सही पद्धति व नियम को मानकर ममला करना उचित है.
इसके अलावा जनहित मामला करने से पहले शोध की भी जरूरत है. शपथ ग्रहण समारोह में राज्य के कानून मंत्री मलय घटक भी उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि इससे पहले कलकत्ता हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य के सेवानिवृत्त होने के बाद गत 25 अक्तूबर से अस्थायी मुख्य न्यायाधीश के तौर पर न्यायाधीश देवाशीष करगुप्त दायित्व संभाल रहे थे.
वर्ष 2006 में वह कलकत्ता हाइकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बने थे. 1982 से बतौर वकील कलकत्ता हाइकोर्ट में उन्होेंने अपना कैरियर शुरू किया था. संवैधानिक और दिवानी मामलों में बतौर वकील उनका खासा नाम रहा है. वह इसी साल 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो जायेंगे.
