डीआइ की लापरवाही से स्कूल में फैला था आक्रोश, राज्य सरकार ने बनायी नयी गाइडलाइन

कोलकाता : उत्तर दिनाजपुर के दाड़ीभीत हाई स्कूल में हुई अशांति के पीछे जिले के डीआइ द्वारा लापरवाही करने की बात उभर कर आई है. ऐसी ही जानकारी सोमवार को राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने दी. गौरतलब है कि सोमवार को शिक्षा मंत्री ने विभिन्न जिलों के डीआइ को लेकर बैठक की. बैठक […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 25, 2018 2:56 AM
कोलकाता : उत्तर दिनाजपुर के दाड़ीभीत हाई स्कूल में हुई अशांति के पीछे जिले के डीआइ द्वारा लापरवाही करने की बात उभर कर आई है. ऐसी ही जानकारी सोमवार को राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने दी.
गौरतलब है कि सोमवार को शिक्षा मंत्री ने विभिन्न जिलों के डीआइ को लेकर बैठक की. बैठक में उत्तर दिनाजपुर के इसलामपुर स्थित दाड़ीभीत हाई स्कूल की घटना को लेकर मूल रूप से चर्चा की गई. बैठक में शिक्षा मंत्री ने डीआइ के लिए कई नये गाइडलाइन निर्धारित किये. साथ ही शिक्षा मंत्री ने कहा कि डीआइ की लापरवाही की वजह से यह घटना हुई और डीआइ ने घटना के लिए स्कूल के प्रधानाध्यापक को दोषी ठहराया.
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने नयी गाइडलाइन तय करते हुए कहा कि अब से डीआइ किसी भी शिक्षक के स्थानांतरण संबंधी कोई फैसला नहीं ले पायेंगे. स्थानांतरण करने से पहले शिक्षा विभाग से अनुमति लेनी होगी. सभी डीआइ को उनके क्षेत्र में स्थित सभी स्कूलों का दौरा करना होगा और प्रत्येक स्कूल के आधारभूत सुविधाओं व जरूरतों के बारे में नियमित रूप से रिपोर्ट पेश करनी होगी.
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पहले ही सभी जिलों के डीआइ को अपने क्षेत्र में स्थित स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की संख्या व विषय के अनुसार शिक्षकों की कमी से संबंधित तालिका बनाने का निर्देश दिया था और जहां भी शिक्षक की कमी होती है, वहां डीआइ द्वारा अन्य स्थानों से शिक्षकों को स्थानांतरित किया जाता है, लेकिन पूरी प्रक्रिया में त्रूटि होने की वजह से इसलामपुर जैसी घटना हुई.
इसलिए राज्य सरकार अब पूरी प्रक्रिया को ही ऑनलाइन करने जा रही है. अब से स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की संख्या व विषय के अनुसार शिक्षकों की कमी से संबंधित तालिका ऑनलाइन माध्यम से प्रकाशित करनी होगी और इसी तालिका के आधार पर नियुक्ति होगी और नियुक्ति संबंधी सभी जानकारियां ऑनलाइन के माध्यम से मुहैया करानी होगी.
गौरतलब है कि सोमवार को बैठक के दौरान उत्तर दिनाजपुर के डीआइ विश्वनाथ मंडल भी बैठक में उपस्थित थे. बैठक के दौरान डीआइ अपने फैसले को सही करार देते हुए कहा कि स्कूल के आवेदन पर ही उन्होंने स्कूल में उर्दू व संस्कृत के शिक्षक को भेजा था.