कोलकाता/मुर्शिदाबाद : माझेरहाट ब्रिज हादसे में मृत 21 वर्षीय प्रणब दे अपने घर में इकलौता कमानेवाला था. काम की तलाश में वह कोलकाता आकर मेेट्रो के निर्माण कार्य में ठेका श्रमिक बना था. जब दुर्घटना हुई, तो घरवालों को तभी से लगने लगा था कि प्रणब अब इस दुनिया में नहीं रहा.
शव मिलने के बाद बिलखते परिजनों ने गुरुवार की सुबह बेलडांगा में उसका अंतिम संस्कार कर दिया. पिता की मौत के बाद प्रणब ही रोजगार का एक मात्र साधन था. उसके जाने के बाद परिवार के लोगों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि मृतकों के परिजनों को पांच लाख का मुआवजा दिया जायेगा. उनके आदेश के मुताबिक बेलडांगा-2 ब्लाॅक के कामनगर स्थित तेतुलिया गांव में एसडीपीओ दीपांजन मुखर्जी व अन्य अधिकारी पहुंचकर सरकार की ओर से प्रणब की मां के हाथों में पांच लाख का चेक सौंप दिया. हालांकि इससे मृतक की कमी पूरी नहीं होगी. लेकिन वक्त पर चेक मिलने से घर के लोगों को थोड़ी आर्थिक मदद तो जरूर मिलेगी. यह बताते हुए अधिकारियों ने उसकी मां से कहा कि किसी भी तरह की दिक्कत होने पर वह उन लोगों से संर्पक कर सकती हैं.
