कोलकाता : मंगलवार रात तक जादवपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर सुरंजन दास का छात्रों ने घेराव कर रखा था. प्रवेश परीक्षाओं की तारीख बदलने को लेकर सोमवार से शुरू आंदोलन पर फिलहाल विराम लग गया है. बुधवार को छात्रों ने घेराव हटा दिया. जादवपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर सुरंजन दास ने फिलहाल छह मानविकी विषयों के लिए प्रवेश परीक्षाएं शीघ्र करवाने की मांग मान ली है. इस मामले में गुरुवार को एडमिशन कमेटी की एक बैठक होगी. इसमें दाखिला टेस्ट संबंधी अन्य प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया जायेगा.
फिलहाल जादवपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा इसकी घोषणा की गयी है कि इन छह विषयों में मेरिट सूची एडमिशन टेस्ट (50 प्रतिशत) व उच्च माध्यमिक परीक्षा (50 प्रतिशत) के अंकों के आधार पर निकाली जायेगी. अब गुरुवार की एडमिशन कमेटी की बैठक के बाद अगली प्रक्रिया शुरू होगी. इस मामले में विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर प्रदीप घोष ने कहा कि कार्यकारिणी परिषद ने अपने सदस्यों को 25 जून से अब तक छात्रों द्वारा बंधक बनाये जाने की निंदा की है. परिषद द्वारा गठित नामांकन समिति दाखिला परीक्षा कराने के तौर तरीके और इसकी तारीख के बारे में फैसला करेगी. परिषद की एक आपात बैठक में यह फैसला लिया गया.
यादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के एक सदस्य ने कहा कि इस घोषणा के शीघ्र बाद गतिरोध खत्म हो गया. प्रदर्शनकारी छात्रों ने कुलपति सुरंजन दास और परिषद के सदस्यों को शाम चार बजे विश्वविद्यालय परिसर से जाने दिया. हालांकि एएफएसयू नेता सोमश्री चौधरी ने कहा कि छात्र आगे का कदम तय होने तक कुछ और तरीके से अपना आंदोलन करना जारी रखेंगे. राज्यपाल केएन त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने घटनाक्रम के बारे में कुलपति से ब्योरा मांगा है. गाैरतलब है कि जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्र संगठन के सदस्यों ने छह मानविकी विषयों के लिए प्रवेश परीक्षाओं की तारीख बदलने संबंधी विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले के खिलाफ कुलपति सुरंजन दास के कार्यालय का घेराव किया.
श्री दास समेत विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के अन्य सदस्यों को रात भर प्रशासनिक भवन में ही रहना पड़ा क्योंकि कला संकाय छात्र संघ के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन खत्म करने से मना कर दिया था. यह धरना प्रदर्शन सोमवार रात लगभग आठ बजे से शुरू किया गया. जिसे आज तीसरे दिन चार बजे के बाद हटा दिया गया.
