ममता की तुष्टीकरण नीति से देश को खतरा : मीनाक्षी

कोलकाता: भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने आरोप लगाया कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तुष्टीकरण राजनीति का खतरनाक उदाहरण पेश कर रही हैं. वह कट्टरपंथी समूहों के सदस्यों को राज्य में सुरक्षा देकर देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचा रही हैं. निजी मीडिया समूह के एक कार्यक्रम में श्रीमती लेखी ने कहा कि […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 26, 2017 11:13 AM
कोलकाता: भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने आरोप लगाया कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तुष्टीकरण राजनीति का खतरनाक उदाहरण पेश कर रही हैं. वह कट्टरपंथी समूहों के सदस्यों को राज्य में सुरक्षा देकर देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचा रही हैं. निजी मीडिया समूह के एक कार्यक्रम में श्रीमती लेखी ने कहा कि मुख्यमंत्री यह नहीं समझ पा रही हैं कि वह केवल राज्य की कानून व्यवस्था ही नहीं बल्कि देश की सुरक्षा को भी नुकसान पहुंचा रही हैं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक हरकत-उल-जिहाद-अल इस्लामी (बांग्लादेश) के 720 अपराधियों को जिन्हें बांग्लादेश में जगह नहीं मिली वह सीमा पार करके इस राज्य में चले आये हैं और उन्हें यहां जगह दी गयी है. उन्होंने तृणमूल के शासनकाल में बंगाल में दंगे जैसी स्थिति की कई घटनाओं के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया. श्रीमती लेखी ने कहा कि दंगों को कानून व्यवस्था की स्थिति के तौर पर राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाना चाहिए. लेकिन तुष्टीकरण की नीति, वोट बैंक की राजनीति की वजह से अपनायी गयी.

कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि राज्य सरकार सांप्रदायिक हिंसा या आतंकवाद की घटनाओं की केंद्रीय जांच का विरोध कर रही है. मामले की जांच जबरन राज्य सीआइडी से करायी जा रही है. यदि राज्य सरकार सच्चाई को सामने लाना चाहती है तो ऐसा क्यों किया जा रहा है.
श्रीमती लेखी ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था की हर स्थिति के लिए भाजपा को दोष देती है. राणाघाट नन दुष्कर्म कांड में मुख्यमंत्री ने भाजपा पर शुरुआत से दोष दिया. लेकिन जब दोषी पकड़े गये तो देखा गया कि सभी बांग्लादेशी नागरिक हैं. बंगाल सरकार राजनीति के खतरनाक प्रकार को दर्शा रही है. उन्होंने राज्य की औद्योगिक हालत के संबंध में कहा कि यह सर्वविदित है कि बंगाल में उद्योगपतियों को रंगदारी टैक्स देना पड़ता है.