राहत: लोगों में दशहरा मनाने को लेकर उम्मीद जगी, दार्जीलिंग में माहौल हुआ सामान्य, इंटरनेट बहाल

दार्जीलिंग. शहर के व्यवसायी संगठन पथ पसले संघ की लगातार कोशिश और पुलिस-प्रशासन की सक्रियता मंगलवार को कामयाब होती दिखी. रविवार को शहर के चौकबाजार, सदर थाना लाइन रोड, सोनम वांगदी रोड, बीच गली, सब्जी लाइन आदि इलाकों में घूम-घूमकर दुकानें खोलने की अपील की गयी थी. जिला अधिकारी खुद मैदान में उतरी हुई थीं, […]

By Prabhat Khabar Print Desk | September 27, 2017 10:01 AM
दार्जीलिंग. शहर के व्यवसायी संगठन पथ पसले संघ की लगातार कोशिश और पुलिस-प्रशासन की सक्रियता मंगलवार को कामयाब होती दिखी. रविवार को शहर के चौकबाजार, सदर थाना लाइन रोड, सोनम वांगदी रोड, बीच गली, सब्जी लाइन आदि इलाकों में घूम-घूमकर दुकानें खोलने की अपील की गयी थी. जिला अधिकारी खुद मैदान में उतरी हुई थीं, लेकिन ज्यादा कामयाबी नहीं मिली थी. सोमवार को भी पुलिस ने अपनी सक्रियता बरकरार रखी और कुछ दुकानपाट खुलवाये.
मंगलवार की सुबह शहर में पुलिस का सुरक्षा घेरा और सख्त कर दिया गया, जिसके बाद दुकानदारों ने दुकानें खोल दीं. दुकानदारों के इस रवैये से उत्साहित पुलिस प्रशासन ने व्यवसायियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए माइकिंग की. मंगलवार को सुबह से ही शहर के बैंकों में ग्राहकों की लम्बी कतार दिखी. इसी तरह शहर के मोटर स्टैंड आदि इलाकों में वाहनों की लाइन लगी हुई थी. इन वाहनों में यात्रियों की अपार भीड़ भी देखी गयी. अब लोगों को लग रहा है कि अपने प्रमुख त्योहार दशहरा का आनंद ले पायेंगे.

दार्जीलिंग पर्वतीय क्षेत्र में करीब 102 दिनों के बाद मंगलवार को इंटरनेट सेवा चालू हुई. पिछले 15 जून को पातलेबास स्थित मोर्चा प्रमुख विमल गुरुंग के कार्यालय में छापामारी अभियान चलाया गया था और 17 जून को मोर्चा ने पुलिस-प्रशासन का विरोध करते हुए पातलेबास चलो अभियान चलाया था. उस दौरान मोर्चा समर्थक और पुलिस के बीच भिड़ंत में मोर्चा के तीन समर्थकों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गये थे. इस घटना के बाद प्रशासन द्वारा 17 जून की रात से ही इंटरनेट सेवा बंद कर दिया गया था. सोमवार को विनय तामांग ने जीटीए बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स के चेयरमैन का पदभार संभाला और अगले दिन इंटरनेट सेवा चालू कर दी गयी.
कालिम्पोंग प्रतिनिधि के अनुसार, दार्जीलिंग पहाड़ में सोमवार रात 12 बजे के बाद मोबाइल में इंटरनेट आने के बाद मैसेज की घंटी लगातार बजती रहा. लोग एक-दूसरे से नेट आने की बात शेयर करने लगे. रात भर सोशल मीडिया में नेट आने की चर्चा रही. नेट आने से जितनी खुशी पहाड़ में रहनेवालों को है, उसकी दुगनी खुशी बाहर रह रहे रिश्तेदारों को है. मंगलवार को लोग नेट पैक रिचार्ज कर अपने मोबाइल अपडेट करने में लगे दिखे. हालांकि कालिम्पोंग में बीएसएनएल ब्रॉडबैंड अब भी काम नहीं कर रहा है, जिसके चलते बैंकों में काम नहीं हो पाया.

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