महानगर बनेगा इंडस्ट्रीयल बर्फ मुक्त शहर
कोलकाता: कोलकाता नगर निगम के अनुसार इस बर्फ का सेवन करने से पेट संबंधित जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं. इस बर्फ को तैयार करने में पानी की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जाता है. इस बर्फ में बैक्टीरिया होता है, जो संंरक्षण के दौरान मछली के अन्दर प्रवेश कर जाता है. ऐसी मछली खाने से […]
कोलकाता: कोलकाता नगर निगम के अनुसार इस बर्फ का सेवन करने से पेट संबंधित जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं. इस बर्फ को तैयार करने में पानी की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जाता है. इस बर्फ में बैक्टीरिया होता है, जो संंरक्षण के दौरान मछली के अन्दर प्रवेश कर जाता है. ऐसी मछली खाने से सेहत को नुकसान पहुंचता है.
कोलकाता नगर निगम अब महानगर को इंडस्ट्रीयल आइस मुक्त करने की योजना पर कार्य कर रहा है. इसके मद्देनजर निगम में शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. बैठक में मेयर परिषद सदस्य(स्वास्थ्य) अतिन घोष समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे. श्री घोष ने बताया कि खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) की नियमावली के अनुसार बर्फ की सिल्ली का इस्तेमाल केवल उद्योग यानी इंडस्ट्रीयल क्षेत्र में किया जाना चाहिए. मांस, मछलियों के संरक्षण के लिए इसका इस्तेमाल हानिकारक है. मछलियों के संरक्षण के लिए भी आइस क्यूब का इस्तेमाल करने पर जोर दिया.
राज्यभर में चलेगा अभियान : श्री घोष ने बताया कि महानगर में इंडस्ट्रीयल बर्फ के इस्तेमाल पर रोक लगाने के बाद राज्य के सभी नगर निकाय के साथ मिल कर एक ही दिन अभियान चलाया जायेगा. देश के अन्य राज्यों से मछली महानगर एवं पश्चिम बंगाल पहुंचती है. इन मछलियों को सड़ने से बचाने के लिए बर्फ का इस्तेमाल किया जाता है. अन्य राज्यों में भी इस प्रकार के बर्फ का इस्तेमाल ना हो इसके लिए राज्य सरकार के पास इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से बातचीत करने का प्रस्ताव जल्द भेजा जायेगा. पूरे मामले की देखरेख के लिए निगम द्वारा एफएसएसएआइ विभाग के विशेषज्ञ के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया जायेगा. टीम में राज्य को उद्योग विभाग निगम अधिकारियों को शामिल किया गया जायेगा. अगले एक माह के भीतर यह कमेटी गठित होगी.
