सेवा में अहंकार व दिखावा नहीं होना चाहिए : राज्यपाल

कोलकाता. राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि देश में चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा का अभाव है. चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा करनेवाली संस्थाओं को और आगे आने का आह्वान किया. श्री त्रिपाठी मंगलवार की शाम को भगिनी निवेदिता स्वास्थ्य परिसेवा केंद्र के तत्वावधान में राजा सुबोध मल्लिक स्क्वायर में सेवा केंद्र के उद्घाटन अवसर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 14, 2017 9:50 AM
कोलकाता. राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि देश में चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा का अभाव है. चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा करनेवाली संस्थाओं को और आगे आने का आह्वान किया. श्री त्रिपाठी मंगलवार की शाम को भगिनी निवेदिता स्वास्थ्य परिसेवा केंद्र के तत्वावधान में राजा सुबोध मल्लिक स्क्वायर में सेवा केंद्र के उद्घाटन अवसर पर ये बातें कहीं. श्री त्रिपाठी ने कहा : यहां सेवा में औपचारिकता नहीं है, वरन सेवा का भाव है तथा अपनापन का प्रभाव है. सेवा के अनेक रूप हैं.

कुछ लोग विद्यालय चलाते हैं. गरमी में प्याऊ की व्यवस्था करते हैं. सेवा के भाव को सीमित नहीं कर सकते हैं. सेवा में अहंकार और दिखावा नहीं होना चाहिए. सेवा हमेशा नि:स्वार्थ होनी चाहिए. उन्होंने कहा : बचपन से मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में जाता रहा हूं.

मुझे उम्मीद है कि भगिनी निवेदिता स्वास्थ्य परिसेवा केंद्र के कार्यकर्ता सही दिशा में निरंतर सेवा करते रहेंगे. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह-सरकार्यवाह वी भगैहा ने कहा : कुछ लोग गरीब लोगों की सेवा करते हैं, लेकिन उसकी व्यवस्था सही नहीं होती है. हम जिसकी सेवा कर रहे हैं, उसी सही व्यवस्था होनी चाहिए. सेवा केवल दिखावा के लिए नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा : सेवा करना भारत व हिंदू की परंपरा है. यहां जो भी मरीज आये.

उन्हें लगे कि वे अपने परिवार के बीच आये हैं. भगिनी निवेदिता स्वास्थ्य परिसेवा केंद्र के सचिव ललित तोदी उपस्थित थे. श्री तोदी ने बताया कि इस केंद्र में ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों की चिकित्साकालीन समय में रोगी एवं उनके सहायकों के रहने, भोजन और उनके छोटी-छोटी आवश्यकताओं की सारी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. यहां 10 रोगी एवं उनके 10 सहयोगियों के एक साथ रहने की व्यवस्था है. इस अवसर पर आरएसएस के पूर्व क्षेत्र संघ चालक अजय नंदी व दक्षिण बंगाल, अंडमान एवं निकोबार के आरएसएस के प्रांत प्रचारक विद्युत मुखर्जी उपस्थित थे.