बंगाल में सिनगैस प्लांट लगायेगी कोल इंडिया व गेल

सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) ने पश्चिम बंगाल में कोयले से कृत्रिम प्राकृतिक गैस परियोजना स्थापित करने के लिए गेल इंडिया लिमिटेड के साथ संयुक्त उद्यम लगाने का समझौता किया है.

संयुक्त उद्यम में कोल इंडिया का 51 प्रतिशत व गेल के पास 49 प्रतिशत हिस्सेदारी

2030 तक एक करोड़ टन कोयला गैसीकरण का लक्ष्य

संवाददाता, कोलकाता

सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) ने पश्चिम बंगाल में कोयले से कृत्रिम प्राकृतिक गैस परियोजना स्थापित करने के लिए गेल इंडिया लिमिटेड के साथ संयुक्त उद्यम लगाने का समझौता किया है. दोनों कंपनियां मिल कर यहां कोयला से सिंथेटिक नैचुरल गैस प्लांट लगायेंगी. समझौते के तहत गठित होने वाले संयुक्त उद्यम में कोल इंडिया के पास 51 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी. बाकी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी देश में गैस परिवहन एवं वितरण की सबसे बड़ी कंपनी गेल इंडिया के पास रहेगी. बताया गया है कि इस समझौते पर कोल इंडिया के निदेशक (व्यवसाय विकास) देबाशीष नंदा और गेल के निदेशक (व्यवसाय विकास) आरके सिंघल ने हस्ताक्षर किया.

इस अवसर पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन, कोयला मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एम नागराजू, कोयला मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव रूपिंदर बरार और गेल के सीएमडी एसके गुप्ता उपस्थित थे. बताया गया है कि नियामकीय सूचना के मुताबिक, संयुक्त उद्यम एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तौर पर गठित किया जायेगा. नये उद्यम का पंजीकृत कार्यालय पश्चिम बंगाल में होगा और दोनों ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के पास अपने तीन अधिकारियों को इस उद्यम में निदेशक नामित करने का अधिकार होगा.

मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने कुछ महीने पहले सीआइएल और गेल की भागीदारी से एक कोयला गैसीकरण उद्यम स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. कोल इंडिया ने 2030 तक एक करोड़ टन कोयला गैसीकरण का लक्ष्य हासिल करने के लिए इस तरह के दो संयंत्र लगाने की योजना बनायी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >