मनरेगा के तहत कार्य लक्ष्य पूरा करने में बांकुड़ा जिला पहले पायदान पर, मशरूम की खेती जल्द होगी शुरू

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत श्रम दिवस सृजन के निर्धारित सालाना लक्ष्य का 42.38 प्रतिशत कार्य दो माह 11 दिन में ही पूरा कर बांकुड़ा जिला राज्य के 23 जिलों की सूची में पहले पायदान पर है.

आसनसोल ( पश्चिम बंगाल) : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत श्रम दिवस सृजन के निर्धारित सालाना लक्ष्य का 42.38 प्रतिशत कार्य दो माह 11 दिन में ही पूरा कर बांकुड़ा जिला राज्य के 23 जिलों की सूची में पहले पायदान पर है. 39.25 फीसदी कार्य पूरा कर पश्चिम मेदनीपुर जिला दूसरा और 37.58 फीसदी के साथ अलीपुरद्वार जिला तीसरे स्थान पर है.

इस सूची में बीरभूम जिला 7वें, पश्चिम वर्द्धमान जिला 12वें, पूर्व वर्द्धवान जिला 13वें तथा पुरुलिया जिला 17वें पायदान पर है. लक्ष्य के आधार पर 4.31 फीसदी कार्य पूरा कर दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल अंतिम 23वें पायदान पर है. बांकुड़ा के जिला शासक एस अरुण कुमार प्रसाद ने कहा कि सलाना लक्ष्य को अक्तूबर महीने के अंदर ही पूरा करने को लेकर कार्य जारी है.

मालूम हो कि वैश्विक महामारी कोरोना (Corona pandemic) के कारण देशभर में करोड़ों लोगों की रोजगार चली गयी. जो जहां थे, वहां से काम छोड़ कर घर वापस लौट गये और अभी भी लौट रहे हैं. ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार ने मनरेगा को मजबूत कड़ी के रूप में उपयोग करना शुरू किया है. जब तक स्थिति थोड़ी संभल नहीं जाती, तब तक हर हाथ को काम देने के लिए हर रास्ते की तलाश की जा रही है, जिसमें मनरेगा एक है.

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बाकुड़ा जिला पहले पायदान पर

लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान मनरेगा (Mnrega) के तहत सभी को कार्य देने के लिए सभी जिला प्रशासन ने श्रम दिवस सृजन करने का सालाना लक्ष्य तैयार किया, जिसके आधार पर एक अप्रैल से कार्य शुरू हुआ. बांकुड़ा जिला प्रशासन ने श्रम दिवस सृजन के अपने सालाना 1,13,69,839 का 42.38 (48,18,933) फीसदी कार्य 11 जून तक पूरा करके राज्य के 23 जिलों की सूची में पहले पायदान पर काबिज है.

पश्चिम मेदनीपुर जिला निर्धारित लक्ष्य 1,60,69,038 का 39.25 फीसदी कार्य पूरा कर दूसरे और अलीपुरद्वार जिला अपने निर्धारित लक्ष्य 95,23,663 का 37.58 फीसदी कार्य पूरा कर तीसरे पायदान पर है. इसके अलावा 35.58 फीसदी कार्य पूरा कर उत्तर दिनाजपुर चौथे, 28.95 फीसदी के साथ मालदा पांचवें, 28.99 फीसदी के साथ मुर्शिदाबाद छठे, 27.39 फीसदी के साथ बीरभूम सातवें, 25.69 फीसदी के साथ हुगली आठवें, 25.37 फीसदी के साथ सिलीगुड़ी महकमा परिषद नौवें, 24.42 फीसदी के साथ दक्षिण 24 परगना दसवें स्थान पर है. 11 से 23वें पायदान तक क्रमशः झाड़ग्राम, पश्चिम वर्द्धमान, पूर्व मेदनीपुर, दक्षिण दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी, नदिया, पुरुलिया, उत्तर 24 परगना, पूर्व वर्द्धमान, हावड़ा, कूचबिहार, कलिमपॉन्ग और दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल शामिल है.

औद्योगिक नगरी होने के बावजूद पश्चिम वर्द्धमान जिला का प्रदर्शन बेहतर

जिले में मनरेगा के नॉडल अधिकारी दिबेन्दू मजूमदार ने कहा कि श्रम दिवस सृजन करने के लक्ष्य को पूरा करने को लेकर पश्चिम वर्द्धमान जिला बेहतर स्थिति में है. पश्चिम वर्द्धमान जिला औद्योगिक नगरी व यहां कोयलांचल क्षेत्र अधिक होने के कारण मनरेगा हमेशा जिला प्रशासन के लिए चुनौती भरा कार्य रहा है.

इस स्थिति में श्रम दिवस सृजन करने की सूची में जिला का 12वें पायदान पर होना अच्छी खबर है. जिला प्रशासन अपने लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में मनरेगा में नयी-नयी स्कीम लाकर लोगों को जोड़ने का कार्य कर रही है. जिले में मनरेगा के तहत मशरूम की खेती को जोड़ा गया है, जिससे हजारों लोगों को नियमित आय का एक जरिया मिल सकेगा.

Posted By : Samir ranjan.

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