मंडलपुर में पॉलिमर फैक्टरी के ठेका श्रमिकों का हल्लाबोल, वेतन वृद्धि व आठ घंटे की ड्यूटी पर अड़े

सप्ताह की शुरुआत के साथ ही जामुड़िया के मंडलपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित हरिओम पॉलिमर कारखाने में श्रमिकों का असंतोष एक बार फिर सामने आ गया.

जामुड़िया.

सप्ताह की शुरुआत के साथ ही जामुड़िया के मंडलपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित हरिओम पॉलिमर कारखाने में श्रमिकों का असंतोष एक बार फिर सामने आ गया. सोमवार को सैकड़ों ठेका श्रमिकों ने वेतन वृद्धि, कार्य-अवधि में कमी और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर कारखाने के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया. इसके चलते कुछ समय के वास्ते कारखाना परिसर में तनाव का माहौल बन गया. सूचना मिलने पर जामुड़िया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और श्रमिकों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया.

10 दिन का समय बीता, जवाब नहीं

प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने बताया कि 26 मई को भी उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था. उस समय कारखाना प्रबंधन ने उनकी मांगों पर विचार करने के लिए 10 दिनों का समय मांगा था. श्रमिकों का आरोप है कि तय समय बीत जाने के बाद भी प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गयी और मामले को लगातार टाला जा रहा है. महिला श्रमिकों ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बावजूद उन्हें आज भी मात्र 170 रुपये दैनिक मजदूरी पर 12 घंटे काम करना पड़ रहा है. उनका कहना है कि यह मजदूरी वर्तमान परिस्थितियों में परिवार चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है. श्रमिकों ने 12 घंटे की जगह 8 घंटे की ड्यूटी, वेतन वृद्धि और अन्य श्रम सुविधाएं लागू करने की मांग की. श्रमिकों का कहना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान रोजगार की कमी के कारण उन्हें कम वेतन पर काम करना पड़ा था, पर स्थिति सामान्य होने के बावजूद मजदूरी में सुधार नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि वेतन वृद्धि की मांग करने पर ठेकेदार काम से हटाने की धमकी दिया करते थे. श्रमिकों ने उम्मीद जतायी कि बंगाल की नयी भाजपा सरकार के दौर में उन्हें न्याय व उचित पारिश्रमिक मिलेगा.

भाजपा नेताओं ने उठाया श्रमिक मुद्दा

मौके पर पहुंचे भाजपा नेता आलोक मुखर्जी ने आरोप लगाया कि पहले श्रमिकों का शोषण किया जाता था और उन्हें राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन से भी कम भुगतान किया जाता था. उन्होंने कहा कि अब श्रमिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाया जायेगा. वहीं, जामुड़िया विधायक डॉ बिजन मुखर्जी ने कहा कि श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, पीएफ और ईएसआइ जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को श्रम मंत्री और लेबर कमिश्नर के समक्ष उठाया जायेगा. साथ ही उन्होंने कारखाना प्रबंधन से श्रमिकों के लिए सस्ती दर पर भोजन व नाश्ते की व्यवस्था करने की भी अपील की.

प्रबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार

श्रमिकों ने साफ किया कि मांगें पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन चरणबद्ध ढंग से जारी रहेगा. दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर हरिओम पॉलिमर प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गयी, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी. श्रमिकों की मांगों और प्रबंधन के रुख को लेकर अब सबकी नजर आगामी वार्ता और प्रशासनिक पहल पर टिकी है.

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Author: AMIT KUMAR

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