पश्चिम बंग आशाकर्मी यूनियन ने किया प्रदर्शन, फिर डीएम को दिया ज्ञापन

कई सूत्री मांगों को लेकर पश्चिम बंग आशाकर्मी यूनियन ने विरोध प्रदर्शन किया. फिर डीएम को ज्ञापन सौंपा.

बांकुड़ा.

कई सूत्री मांगों को लेकर पश्चिम बंग आशाकर्मी यूनियन ने विरोध प्रदर्शन किया. फिर डीएम को ज्ञापन सौंपा. आशाकर्मियों ने मोबाइल फोन की खरीद और उपयोग पर सभी शर्तें हटा लिए जाने की मांग ,नियमित मासिक रिचार्ज भुगतान, तथा फ़ोन खरीदने के दबाव को तुरंत रोकने इत्यादि अन्य कई मांगों को लेकर पश्चिम बंग आशा कर्मी यूनियन के द्वारा डीएम को ज्ञापन सौंपा गया .इससे पहले यूनियन के सदस्य तामली बांध मैदान प्रांगण में इकट्ठे हुए एवं जुलूस के माध्यम से डीएम कार्यालय के लिए रवाना हुए जहा गेट के बाहर ही रोक दिया गया एवं कर्मियों ने विरोध जताया. यूनियन के मुताबिक

इस राज्य में आशा, शहरी आशा (एचएचडब्ल्यू) और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्य संबंधी ज़रूरतों के लिए मोबाइल फोन की मांग लंबे समय से चली आ रही है. लगभग सभी कार्यकर्ताओं ने सेवाएँ प्रदान करने के लिए मोबाइल फ़ोन उधार पर ख़रीदे हैं हाल ही में, सरकार ने मोबाइल फ़ोन ख़रीदने के लिए कुछ शर्तों के साथ, प्रत्येक कार्यकर्ता के बैंक खाते में 10,000 रुपये दिए हैं जो लोग काम कर रहे हैं और अपने पैसों से मोबाइल फ़ोन ख़रीद रहे हैं, उनके लिए दूसरा नया मोबाइल फ़ोन ख़रीदना अनावश्यक है मोबाइल रिचार्ज के लिए ज़रूरी ख़र्चों का भुगतान नहीं हो पाता वहीं महीने दर महीने, विभिन्न क्षेत्रों से मिलने वाले पैसे और भत्ते बकाया रह जाते हैं कुछ बकाया पैसे मिलने में सालों लग जाते हैं नतीजतन, एक साथ दो मोबाइल फ़ोन चलाने का बोझ और बढ़ जाएगा.इस स्थिति में जिनके पास एंड्रॉयड फोन नहीं हैं, उन्हें फोन जरूर खरीदना चाहिए तथा जिन कर्मचारियों के पास स्वयं के मोबाइल फोन हैं, उनसे मेरी अपील है कि वे उन फोनों की रसीद प्राप्त करने सहित निम्नलिखित मांगों को पूरा करने के लिए प्रभावी कदम उठाएं, ताकि सरकारी कार्य जारी रह सके.मांगों के तहत संबंधित विभाग को अपने पैसे से खरीदे गए फ़ोनों की रसीद कर्मचारियों से लेनी होगी।उन पर नए फ़ोन खरीदने के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता. फ़ोन पर अतिरिक्त ऐप्स के ज़रिए कोई अतिरिक्त कार्यभार नहीं डाला जाएगा डेटा एंट्री का काम भी नहीं किया जाएगा. सेवानिवृत्ति लाभ न मिलने के मुद्दे को मोबाइल फोन खरीदने पर खर्च किए गए धन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.रिचार्ज पैक की पूरी राशि, पूर्ण नेट सहित, हर महीने भुगतान की जानी चाहिए. विभिन्न कार्यों के लिए भत्ते और धनराशि को महीने दर महीने बकाया रखना स्वीकार्य नहीं है तथा सभी कर्मचारियों का मासिक भत्ता तुरंत बढ़ाया जाना चाहिए इत्यादि मांगे शामिल है.

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Author: AMIT KUMAR

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