एसआइआर हीयरिंग नोटिस से वोटर्स परेशान, आरोप-प्रत्यारोप तेज
एसआइआर प्रक्रिया में हीयरिंग नोटिस को लेकर चुनाव आयोग पर मतदाताओं को परेशान करने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं.
पुरुलिया.
एसआइआर प्रक्रिया में हीयरिंग नोटिस को लेकर चुनाव आयोग पर मतदाताओं को परेशान करने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं. रघुनाथपुर ब्लॉक-01 के अंतर्गत बांकड़ा बूथ के 1166 मतदाताओं में से 97 को लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के नाम पर नोटिस थमाए गए. इनमें 70 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 15 बुजुर्ग, एक दिव्यांग और पैरों से लाचार महिला मतदाता भी शामिल हैं.बुजुर्गों को सात किमी दूर सुनवाई के लिए बुलाने का आरोप
80 वर्ष से अधिक उम्र के मृणाल कांति आचार्य और आरती चौधरी ने बताया कि उन्होंने घर पर ही सुनवाई की मांग की थी, लेकिन नोटिस मिलने के बाद उन्हें करीब 7 किलोमीटर दूर ब्लॉक कार्यालय पहुंचना पड़ा. वहीं जयराज सिंह और नीलम सिंह ने कहा कि वे 160 किलोमीटर की दूरी तय कर रांची से आए. उनका कहना है कि 2002 की वोटर लिस्ट में उनका नाम दर्ज है और ड्राफ्ट रोल में भी परिवार के सदस्यों के नाम शामिल हैं, इसके बावजूद बीएलओ मिथुन विश्वास ने उन्हें और परिवार के पांच सदस्यों को नोटिस भेजा.‘जवाब देने से बच रहे अधिकारी’
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान जब मतदाताओं ने अधिकारियों से नोटिस के कारण पूछे तो स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया. आरोप है कि एक अधिकारी ने नाराजगी में कहा कि इस संबंध में मुख्य चुनाव आयोग से पूछा जाए.
तृणमूल व भाजपा के अलग-अलग इल्जाम
स्थानीय तृणमूल पंचायत सदस्य सोनू वर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों और बीएलओ की गलतियों से बुजुर्ग, बीमार और विकलांग मतदाताओं को 5 से 7 किलोमीटर तक चलकर लाइन में लगना पड़ रहा है. उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर सही मतदाताओं के नाम काटने की साजिश का आरोप लगाया. दूसरी ओर, भाजपा कार्यकर्ताओं ने एसआइआर प्रक्रिया में राज्य कर्मियों पर असहयोग का आरोप लगाते हुए पुरुलिया जिले के कई प्रखंड कार्यालयों और टैक्सी स्टैंड पर विरोध प्रदर्शन किया. सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के इशारे पर कर्मचारी अवैध मतदाताओं को वैध बनाने में लगे हैं और फॉर्म-7 तक लेने से इनकार किया जा रहा है.
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