बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट
बीरभूम के चर्चित पत्थर कारोबारी टुलू मंडल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद टुलू मंडल अब भी फरार है, जबकि पुलिस उसके पूरे नेटवर्क को एक-एक कर ध्वस्त करने में जुटी है. रविवार देर रात पुलिस ने टुलू मंडल के बेहद करीबी और भरोसेमंद मैनेजर सितेश प्रमाणिक को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का दावा है कि शुरुआती पूछताछ में ही कथित अवैध पत्थर कारोबार और करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं.
सितेश प्रमाणिक गिरफ्तार
जांच की रफ्तार उस समय तेज हुई, जब टुलू मंडल के करीबी कारोबारी मिनार मंडल के घर से करीब साढ़े 28 करोड़ रुपये नगद और 15 किलोग्राम सोना बरामद हुआ था. इसी कड़ी में पुलिस की जांच सितेश प्रमाणिक तक पहुंची. रविवार देर रात मोहम्मद बाजार थाना पुलिस की विशेष टीम ने उसके घर पर दबिश दी. घंटों चली पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. अब पुलिस की नजर टुलु मंडल के कथित आर्थिक नेटवर्क, पत्थर खदानों से जुड़े लेन-देन और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर है. हालांकि, पूरे मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया एवं जांच पूरी होने के बाद ही होगी.
सितेश का वित्तीय संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सितेश प्रमाणिक टुलू मंडल के कथित पत्थर कारोबार के वित्तीय संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था. जांचकर्ताओं का मानना है कि अवैध खनन से जुड़े पैसों का हिसाब-किताब, रकम की आवाजाही, किन लोगों तक धन पहुंचता था और पूरे नेटवर्क का संचालन कैसे होता था, इसकी अहम जानकारी उसी के पास थी. पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर अब पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है.
रिमांड की मांग कर सकती है पुलिस
सूत्रों का कहना है कि टुलू मंडल के अधीन कई मैनेजर काम करते थे और सितेश उनमें सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा अवैध कमाई का पैसा किन-किन माध्यमों से भेजा जाता था. आज सोमवार को सितेश प्रमाणिक को सिउड़ी अदालत में पेश किया जाएगा. पुलिस उससे गहन पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि कथित पत्थर कारोबार के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके.
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एक और मैनेजर के घर हो चुकी है छापेमारी
इससे पहले रविवार को पुलिस ने पूर्व बर्दवान के मंगलकोट स्थित आयमापाड़ा गांव में टुलु मंडल के एक अन्य मैनेजर इफाजुल हक के घर पर भी छापेमारी की थी. घर का ताला तोड़कर कई ट्रंक और एक लाल रंग की ट्रॉली की तलाशी ली गई थी. पुलिस के अनुसार, इफाजुल कुछ दिन पहले ही घर आया था, लेकिन डॉक्टर के पास जाने की बात कहकर निकला और उसके बाद से लापता है. पुलिस को आशंका है कि वह भी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया है.
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