रानीगंज.
पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों की तरह रानीगंज ब्लॉक में भी इन दिनों मतदाता-सूची में सुधार के लिए एसआइआर हीयरिंग की प्रक्रिया चल रही है. रानीगंज के टीडीबी कॉलेज को मुख्य हीयरिंग सेंटर बनाया गया है, जहां बीएलओ, ईआरओ, एईआरओ और ऑब्जर्वर जैसे अधिकारियों की नियुक्ति की गयी है, हालांकि, इस केंद्र पर फैली अव्यवस्था को लेकर आम लोगों में भारी रोष व असंतोष देखा जा रहा है.देर से आते हैं अधिकारी, तकनीकी खराबी का बहाना
हीयरिंग के लिए आए स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारियों के आने का समय सुबह 11:00 बजे निर्धारित है, लेकिन वे आधा से एक 45 ,मिनट देरी से पहुँचते हैं. आने के बाद भी प्रक्रिया तुरंत शुरू नहीं की जाती. कभी प्रिंटर खराब होने, कभी पोर्टल अपलोड न होने तो कभी वाहन की व्यवस्था न होने जैसे बहाने बनाकर हीयरिंग को लटकाया जा रहा है.कड़कती धूप और बदलते मौसम के बावजूद लोग घंटों पहले आकर लाइनों में लग रहे हैं, लेकिन प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण उनका समय बर्बाद हो रहा है.बुनियादी सुविधाओं का अभाव और वर्कलोड का दबाव
भीषण गर्मी में लाइन में खड़े बुजुर्गों और महिलाओं के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है.वहीं, भीड़ इतनी अधिक है कि प्रक्रिया कब तक पूरी होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है.वहीं अधिकारियों का कहना है कि उनके पास क्षमता से अधिक काम (वर्क लोड) है.जहाँ एक दिन में 150 लोगों की हियरिंग होनी चाहिए, वहाँ रोजाना 300 से अधिक लोग पहुँच रहे हैं, जिससे तालमेल बिठाना मुश्किल हो रहा है.भाजपा का दावा : राज्य कर्मचारियों को काम लग रहा बोझ
इस अव्यवस्था पर प्रतिक्रिया में रानीगंज भाजपा मंडल अध्यक्ष शमशेर सिंह ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और चुनाव आयोग की कार्य-प्रणाली पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि एसआइआर प्रक्रिया में रोजाना विवाद हो रहा है. सच तो यह है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों ने वामपंथी और तृणमूल शासनकाल में कभी ईमानदारी से ड्यूटी नहीं की. अब जब उन्हें एसआइआर में मेहनत करनी पड़ रही है, तो उन्हें यह कार्य बोझ लग रहा है. यही कारण है कि वे इसे चुनाव आयोग का तानाशाही रवैया बता रहे हैं. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आम जनता ने मांग की है कि हीयरिंग प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए केंद्रों की संख्या बढ़ायी जाए और पीने के पानी व बैठने की उचित व्यवस्था की जाये. बुजुर्गों व महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
